क्रिकेट खेल में कहा जाता है कि रिकॉर्ड बनते ही टूटने के लिए है लेकिन कुछ रिकॉर्ड्स ऐसे होते है जिनको तोड़ने के लिए पहले तो वे रिकॉर्ड्स चुनौती बने रहते है दूसरा उसे तोड़ने के लिए अर्सो इंतजार करना पड़ जाता है। क्रिकेट टीम गेम होने के साथ गेम ऑफ इंडिविजुअल्स भी कहा जाता है। कभी कभी एक टीम 26 रन पर आउट हो जाती है (1955 में न्यूज़ीलैंड की टीम इंग्लैंड के खिलाफ आउट हो गई थी) तो कभी एक टीम952/6(श्री लंका वि भारत 1997)बना डालती है। एक बैट्समैन 6 इनिंग्स में केवल एक रन बना पाता है(मोहिंदर अमरनाथ इंडिया वि वेस्टइंडीज 1983) तो एक अकेला बैट्समैन अकेले 400 नॉट आउट बना देता है(ब्रायन लारा,वेस्ट इंडीज 2004 वि इंग्लैंड)।ये चारों रिकॉर्ड्स टूटने के लिए प्रतीक्षारत है।
हाल ही में प्रथम श्रेणी के रणजी ट्रॉफी के मैच में चिन्मय सुतार ने 400 रन की व्यक्तिगत पारी खेली प्रथम श्रेणी के मैच में ब्रायन लारा ऐसे बैट्समैन है जिन्होंने पंचशतक याने 501 रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया हुआ है। क्रिकेट खेल में टेस्ट 1877 से शुरू हुए लेकिन प्रथम श्रेणी के मैच 1815 से खेले जा रहे है। इंग्लैंड में ससेक्स काउंटी क्रिकेट हुआ करता था। 1864 से बाकायदा प्रथम श्रेणी के मैच के रिकॉर्ड्स रखे जाने लगे। हर देश के राष्ट्रीय टीम में खिलाड़ियों के प्रवेश के लिए ऐसे मैच होते है अथवा कोई देश दूसरे देश खेलने जाती है तो स्थानीय वातावरण के अनुरूप होने के लिए प्रथम श्रेणी के मैच खेलते है।
इंग्लैंड में काउंटी, ऑस्ट्रेलिया में शेफील्ड, न्यूजीलैंड में प्लंकिट, वेस्टइंडीज में वेस्टइंडीज चैंपियन, पाकिस्तान में कायदे आजम , श्री लंका में मेजर लीग, बांग्ला देश में नेशनल लीग मैच प्रथम श्रेणी के माने जाते है। हिंदुस्तान में रणजी ट्रॉफी मैच को प्रथम श्रेणी का दर्जा मिला हुआ है। इस साल के लिए खेले जा रहे मैच में मुंबई से मिजोरम शिफ्ट हुए चिन्मय सुतार ने 400 रन नाबाद की पारी नागालैंड के खिलाफ खेली। रणजी ट्रॉफी में इतिहास में दूसरा चार सौ रन बनाने बनाने वाले बैट्समैन बन गए है। 1948 में महाराष्ट्र के भाऊ राव निंबालकर ने काठियावाड़ के खिलाफ 443 रन नाबाद की पारी खेली थी। प्रथम श्रेणी के मैच में आर्ची मैकलारेन (इंग्लैंड): ने1895 में सबसे पहले प्रथम श्रेणी के मैच में 424 रन बनाए थे।
अब तक केवल दस बैट्समैन ने 400 से अधिक रन बनाए है। जो इस प्रकार है
ब्रायन लारा (वेस्ट इंडीज): 501* रन (1994)
- हनीफ मोहम्मद (पाकिस्तान): 499 रन (1959)
- डॉन ब्रैडमैन (ऑस्ट्रेलिया): 452* रन (1930)
- भाऊसाहेब निंबालकर (भारत): 443* रन (1948)
- बिल पोंसफोर्ड (ऑस्ट्रेलिया): 437 रन (1927) एवं 429 रन (1923)
- आफताब बलोच (पाकिस्तान): 428 रन (1974)
- आर्ची मैकलारेन (इंग्लैंड): 424 रन (1895) (इतिहास का पहला चौहरा शतक)
- सैम नॉर्थईस्ट (इंग्लैंड): 410* रन (2022)
- ग्रीम हिक (इंग्लैंड): 405* रन (1988)
- चिन्मय सुतार (भारत): 400* रन (2026)
अगला बैट्समैन किस देश का होगा और कब फिर 400 रन बनेंगे ये इंतजार का विषय है।
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