DGCA ने हाल ही में एअर इंडिया के CEO को पायलट ड्यूटी नियम तोड़ने को लेकर सख्त चेतावनी दी है. DGCA ने एअर इंडिया के सीईओ और अकाउंटेबल मेनेजर कैंपबेल विल्सन से पायलट के ड्यूटी घंटों पर दी गई छूट का दुरुपयोग करने के लिए और एअरलाइन की तरफ से दिए गए असंतोषजनक स्पष्टीकरण के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है.
जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान की तरफ से अपना हवाई क्षेत्र बंद करने के बाद एअरलाइन ने कॉकपिट क्रू के ड्यूटी घंटों में अप्रैल 2025 तक सीमित समय की छूट दी थी. लेकिन ये छूट सिर्फ उन्हीं एअरलाइन के लिए थी, जो पाकिस्तान के हवाई क्षेत्रों से होकर गुजरती हैं.
DGCA ने एअरलाइन को भेजा पत्र
DGCA ने 11 अगस्त को एअरलाइन को पायलट ड्यूटी संबंध में एक पत्र भेजा. पत्र में DGCA ने लिखा कि मेसर्स एयर इंडिया लिमिटेड के जवाबदेह प्रबंधक को चेतावनी दी जाती है और सलाह भी दी जाती है कि वे नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (CAR) का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें और अपनी जिम्मेदारी समझें.
नियमों का किया उल्लंघन
मामला 16 और 17 मई को बेंगलुरु से लंदन जाने वाली दो फ्लाइट्स से जुड़ा है. जांच से पता चला कि दोनों ही उड़ानों में मानक CAR के तहत पायलटों के लिए अधिकतम 10 घंटे की ड्यूटी सीमा पार कर ली गई थी. इन उड़ानों में कॉकपिट क्रू की संख्या भी तीन से घटाकर दो कर दी गई थी. ये छूट केवल पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से गुजरने वाली उड़ानों के लिए थी, अन्य अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए नहीं.
DGCA ने इन उड़ानों के संबंध में 20 जून को ही एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया था और स्पष्टीकरण मांगा था कि उड़ान ड्यूटी समय सीमा (FDTL) का उल्लंघन करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए.
नियमों को सही तरीके से न समझने की वजह से हुई ये गलती
एअर इंडिया के एक प्रवक्ता ने अपने एक बयान में कहा कि एअर इंडिया को DGCA का पत्र प्राप्त हुआ है. उन्होंने कहा कि यह पत्र मई में उड़ान भरने वाली दो फ्लाइटों के शेड्यूल बनाने के संबंध में है. प्रवक्ता ने कहा कि ये समस्याएं पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद दी गई अनुमति को सही तरीके से न समझने की वजह से उत्पन्न हई हैं. उन्होंने कहा कि लेकिन नियमों को सही तरीके से समझने के बाद इसे ठीक कर दिया गया और एअर इंडिया इन नियमों का पूरी तरह से पालन कर रही है.
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