दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले कई रेलखंडों पर हाथियों के आतंक और लगातार आवाजाही के कारण रेल परिचालन प्रभावित हुआ है। यात्रियों और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने 07 से 09 जनवरी 2026 तक कई महत्वपूर्ण पैसेंजर और मेमू ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जंगल से घिरे रेलखंडों पर हाथियों के झुंड अक्सर ट्रैक के पास पहुंच रहे हैं। भारी कोहरे और रात के अंधेरे में हाथियों की मौजूदगी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसी जोखिम को कम करने के लिए एहतियातन ट्रेनों का परिचालन रोका गया है। रेलवे प्रशासन और वन विभाग की टीमें मिलकर प्रभावित इलाकों की निगरानी कर रही हैं।
रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे स्टेशन निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें। ट्रेनों का संचालन तभी बहाल किया जाएगा जब वन विभाग और रेलवे की संयुक्त टीम ट्रैक को सुरक्षित घोषित कर देगी। क्योंकि यह इलाका हाथियों के कॉरिडोर में आता है और ट्रेन की टक्कर से हाथियों की मौत की घटनाएं रोकने के लिए रेलवे ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मेमू पैसेंजर ट्रेनों के रद होने से यात्रियों को भारी असुविधा के साथ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अगले तीन दिनों तक जो ट्रेनें पटरी पर नहीं उतरेंगी, उनमें टाटानगर–बड़बिल–टाटानगर, चक्रधरपुर–टाटानगर–खड़गपुर, टाटानगर–गुआ–टाटानगर शामिल है। इसके अलावा टाटानगर–राउरकेला–टाटानगर,झारसुगुड़ा–हटिया–झारसुगुड़ा और बीरमित्रपुर–बरसूहन–बीरमित्रपुर पैसेंजर शामिल है।
वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि हाथी का बहाना बना कर रेल प्रशासन मालगाड़ियों को बिना रुकावट चलाने के लिए मेमू पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया है। चक्रधरपुर रेल मंडल में इन दिनों हाथियों की रेल पटरी पर लगातार आवाजाही के कारण ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. रेलवे और वन विभाग की टीम संयुक्त रूप से निगरानी कर रही है। जैसे ही ट्रैक क्षेत्र सुरक्षित घोषित होगा, यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों का संचालन बहाल किया जाएगा
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