भारत किसी दबाव में नहीं आएगा, ट्रेड डील पर अजीत डोभाल ने अमेरिकी विदेश मंत्री को दिया कड़ा संदेश

भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ और ट्रेड डील को लेकर बने तनाव के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो को साफ शब्दों में भारत का रुख बता दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत किसी भी तरह की धमकी या दबाव में आने वाला नहीं है और जरूरत पड़ी तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल खत्म होने तक इंतजार करेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, वाशिंगटन दौरे के दौरान डोभाल ने कहा था कि भारत दोनों देशों के रिश्तों में आई कड़वाहट को खत्म कर फिर से बातचीत शुरू करना चाहता है, लेकिन इसके लिए सार्वजनिक बयानबाजी और आलोचना कम होना जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा।

बताया जा रहा है कि यह बैठक सितंबर की शुरुआत में हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस और चीन के नेताओं से मुलाकात की थी। इसके बाद भारत-अमेरिका संबंधों में कुछ समय के लिए तनाव बढ़ गया था।

इस बैठक के कई महीनों बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कम टैरिफ और बढ़े हुए बाजार पहुंच के साथ नई ट्रेड डील का ऐलान किया। भारत की ओर से टैरिफ में कटौती के कुछ हिस्सों की पुष्टि भी की गई है। हालांकि, रूसी तेल खरीद या जीरो टैरिफ जैसे मुद्दों पर कोई आधिकारिक प्रतिबद्धता सामने नहीं आई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को दोनों देशों के लिए फायदेमंद बताते हुए कहा कि इससे आपसी सहयोग और आर्थिक अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि जब दुनिया की दो बड़ी लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्थाएं साथ काम करती हैं, तो इसका लाभ आम लोगों को मिलता है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस डील को विन-विन करार देते हुए कहा कि इससे उद्योगों और नागरिकों दोनों को फायदा होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, डोभाल का यह कड़ा रुख भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता और आत्मसम्मान को दर्शाता है। ट्रेड डील को लेकर भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपने हितों से समझौता किए बिना ही किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते पर आगे बढ़ेगा।

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