दिल्ली में रात 11:00 बजे तारीख भी कुछ अजीब थी 11 जून उस रात , रविवार की रात जब ख़त्म होने को थी, उस समय देश के कुछ शीर्ष नौकरशाहों की नियुक्ति का आदेश जारी हुआ..छुट्टी वाले दिन और वो भी देर रात गए जारी हुए, इस नियुक्ति आदेश की छत्तीसगढ़ में ख़ूब चर्चा थी.
असल में इस आदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सुबोध कुमार सिंह का नाम भी शामिल था, जिन्हें खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद से हटा कर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी का महानिदेशक नियुक्त किया गया था.
छत्तीसगढ़ के एक वरिष्ठ नौकरशाह कहते हैं, “ठीक साल भर बाद, शनिवार की रात सुबोध कुमार सिंह को जिस तरह से उनके पद से हटाया गया, इसकी उम्मीद हम लोगों को नहीं थी. ऐसा लगता है कि डैमेज कंट्रोल करने के लिए सुबोध कुमार सिंह जैसे काबिल अफ़सर को निशाना बनाया गया. छत्तीसगढ़ में रहते हुए वे लगभग निर्विवाद अफ़सरों में रहे हैं.”
देश भर में नीट-यूजी और यूजीसी-नेट परीक्षाओं के पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के महानिदेशक सुबोध कुमार को पद से हटा दिया. उनकी जगह प्रदीप सिंह खरोला को नया महानिदेशक बनाया गया है.
हालांकि इन परीक्षा लीक के मामलों में एनटीए चेयरमैन प्रदीप कुमार जोशी की भूमिका पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं.
सुबोध कुमार सिंह के भविष्य छत्तीसगढ़ में नौकरशाहों के बीच अब चर्चा शुरू हो गई थी. असल में पिछले साल दिसंबर में राज्य में भाजपा सरकार की वापसी के साथ ही उनके भी छत्तीसगढ़ लौटने की चर्चा शुरू हो चुकी थी.
कहा जाता हैँ कि इस साल केंद्रीयशिक्षा मंत्री के इस्तीफा की बुनियाद तब ही रखा गई थी. एन टी ए की परीक्षा मे लीक की बुनियाद ऐसी रखी गई थी जिसके चलते इस साल पेपर सेट करबे वाले अपना बनाया पेपऱ लीक कर दिए. केवल पद से हट जाने पर पहुंच खत्म नहीं होती हैँ ये बात दिल्ली मे बैठे काकरोच समझ गए हैँ. इतिहास खंगाल कर कुबोध जो दिल्ली मे पूरी परीक्षा सिस्टम को दाग़दार बना दीये हैँ उनकी पतासाज़ी जारी हैँ. जल्दी ही छतीसगढ़ के ककरोचो का प्रदर्शन रायपुर मे होने की भनक हैँ उन्हें सुबहोत मिल चुका हैँ!
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