भारत के लिए अच्छी खबर, ट्रंप ने रूसी तेल टैरिफ पर लिया यू-टर्न, 2-3 हफ्ते बाद होगा विचार

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अलास्का में हुई मुलाकात के बाद भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. ट्रंप ने फिलहाल रूसी तेल खरीदने वाले देशों, खासकर भारत, पर कोई नया टैरिफ लगाने का फैसला टाल दिया है. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि इस मुद्दे पर दो से तीन हफ्तों में फिर से विचार किया जा सकता है. यह बयान भारत के लिए कूटनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भारत रूस से भारी मात्रा में सस्ता तेल आयात करता है.

ट्रंप-पुतिन की मुलाकात-भारत पर प्रभाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार, 16 अगस्त को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अलास्का के जॉइंट बेस एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन में मुलाकात की. यह बैठक मुख्य रूप से यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए थी, लेकिन इसका असर भारत की तेल आयात नीति और अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों पर भी पड़ सकता है. ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा- ‘आज की बैठक के बाद मुझे लगता है कि अभी टैरिफ के बारे में ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है. शायद दो-तीन हफ्ते बाद इस पर विचार हो सकता है.’ यह बयान भारत के लिए राहत की बात है, क्योंकि ट्रंप ने पहले भारत पर रूसी तेल खरीदने के लिए 25% टैरिफ लगाया था, जिसे बढ़ाकर 50% करने की धमकी दी थी.

भारत पर टैरिफ की धमकी
ट्रंप ने दावा किया कि भारत पर लगाए गए टैरिफ ने रूस को बातचीत की मेज पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने कहा- ‘जब मैंने भारत से कहा कि हम रूस से तेल खरीदने पर शुल्क लगाएंगे, तो इससे भारत को रूस से तेल खरीदना कम करना पड़ा, जिसके बाद रूस ने बातचीत के लिए संपर्क किया.’ ट्रंप के मुताबिक, भारत रूस का दूसरा सबसे बड़ा तेल ग्राहक है, और इस टैरिफ ने रूस को आर्थिक नुकसान पहुंचाया. हालांकि, भारत ने अपनी तेल आयात नीति में बदलाव से इनकार किया है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष ए.एस. साहनी ने कहा- ‘रूस से तेल खरीद पर कोई रोक नहीं है और यह आर्थिक आधार पर जारी रहेगा.’

भारत की तेल आयात नीति
भारत ने रूस से सस्ते तेल के आयात को अपनी ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बताया है. केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2025 में भारत ने रूस से 20 लाख बैरल प्रति दिन तेल आयात किया, जो जुलाई में 16 लाख बैरल प्रति दिन था. यह वृद्धि इराक और सऊदी अरब से आयात कम करने की कीमत पर हुई. भारत के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के टैरिफ को ‘अनुचित’ बताते हुए राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने का संकल्प जताया है.

ट्रंप का यह बयान भारत के लिए अस्थायी राहत के रूप में देखा जा रहा है. पहले से लागू 25% टैरिफ और 27 अगस्त से लागू होने वाला अतिरिक्त 25% टैरिफ भारत के निर्यात को प्रभावित कर सकता था, खासकर टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स और ऑटो पार्ट्स जैसे क्षेत्रों में. अगर टैरिफ बढ़ता है, तो भारत की जीडीपी को नुकसान हो सकता है. हालांकि, भारत की दृढ़ नीति और रूस के साथ मजबूत संबंधों ने ट्रंप को अपने रुख में नरमी लाने के लिए मजबूर किया.

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