वर्ष-2026 में पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) से पहले ममता बनर्जी ने एक बार फिर मुस्लिम कार्ड (Muslim Card) फेंका है। मुस्लिम वोट बैंक को साधने के लिए बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए दीदी ने पीरजादा कासेम सिद्दीकी (Pirzada Kasem Siddiqui) को तृणमूल कांग्रेस का महासचिव बनाया है। कासेम सिद्दीकी का फुरफुरा शरीफ में खासा प्रभाव है। वह इंडियन सेक्युलर फ्रंट के नेता अब्बास सिद्दीकी और विधायक नौशाद सिद्दीकी के रिश्तेदार हैं। यह नियुक्ति बिना किसी औपचारिक जॉइनिंग के की गई है। यह नियुक्ति इंडियन सेक्युलर फ्रंट के बढ़ते असर को रोकने की रणनीति मानी जा रही है।
बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव से पहले अब्बास सिद्दीकी ने इंडियन सेक्युलर फ्रंट नाम की पार्टी बनाई थी, जिसने दक्षिण 24 परगना की भांगड़ सीट से जीत हासिल कर तृणमूल के गढ़ में सेंध लगाई थी। इसके बाद से इंडियन सेक्युलर फ्रंट ने कई मुस्लिम बहुल इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। ऐसे में ममता बनर्जी की यह रणनीति राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। कासेम सिद्दीकी को संभवतः चुनाव में भी बड़ी भूमिका दी जा सकती है।
फुरफुरा शरीफ का राजनीतिक महत्व
मार्च में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी फुरफुरा शरीफ गई थीं। वो इफ्तार पार्टी में शामिल हुई थीं। फुरफुरा के दो पीरजादा अब्बास सिद्दीकी और नौशाद सिद्दीकी वहां नहीं थे। उस दिन कई पीरजादा नहीं दिखे। हालांकि, कासिम को ममता के बगल में देखा गया। अगले दिन कोलकाता के पार्क सर्कस में इफ्तार में वे फिर से ममता के बगल में दिखे, तब सवाल उठने लगा कि क्या इस बार फुरफुरा शरीफ में तृणमूल की केमिस्ट्री का नेतृत्व कासिम सिद्दीकी करेंगे?
नौशाद और अब्बास के चचेरे भाई कासिम भी कभी टीएमसी के धुर विरोधी माने जाते थे। 2021 में आईएसएफ के गठन के बाद कासिम ने अब्बास और नौशाद सिद्दीकी का पूरा समर्थन करना शुरू कर दिया। 2023 में पुलिस द्वारा नौशाद सिद्दीकी को गिरफ्तार किए जाने के बाद कासिम नियमित रूप से राज्य सरकार के खिलाफ बोलते थे। रमजान के महीने में लगातार 2 दिनों तक कासिम को इफ्तार में ममता के बगल में भी देखा गया था।
इसके अलावा कांग्रेस छोड़कर टीएमसी में शामिल हुए शंकर मालाकार को अपनी राज्य इकाई का उपाध्यक्ष बनाया है। सब्यसाची दत्ता को तृणमूल कांग्रेस के बारासात सांगठनिक जिले का अध्यक्ष बनाया गया है।सांसद काकली घोषदस्तीदार को सत्तारूढ़ पार्टी के इस सांगठनिक जिले का अध्यक्ष बनाया गया है।
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