Uttar Pradesh: पश्चिम बंगाल में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी मौलाना जर्जिश अंसारी का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है. कार्यक्रम में दी गई उनकी तकरीर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे 25 दिसंबर का बताया जा रहा है.
उत्तर प्रदेश में मुसलमान सुरक्षित नहीं – मौलाना
वीडियो में मौलाना उत्तर प्रदेश में मदरसों और मस्जिदों पर हो रही प्रशासनिक कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहते नजर आ रहे हैं कि राज्य मुसलमानों के लिए सुरक्षित नहीं है. उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर कहीं ज्यादा सुरक्षा महसूस होती है तो वह बंगाल में है, इसलिए वहां आकर बसने पर विचार करना चाहिए.
प्रदेश में मुसलमानों की स्थिति ठीक नहीं – मौलाना
अपने संबोधन में मौलाना ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में सैकड़ों मदरसों पर बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है और मस्जिदों में रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में मुसलमानों की स्थिति ठीक नहीं है और वह खुद कई बार अपने परिवार से यूपी छोड़ने की बात कर चुके हैं.
मौलाना ने तकरीर के दौरान यह आरोप भी लगाया कि मस्जिदों में बिना अनुमति कोई गतिविधि नहीं की जा सकती और दिन में भी लाउडस्पीकर की आवाज बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जाती. उन्होंने अजान पर पाबंदी लगाए जाने की बात भी कही.
मौलाना ने मुसलमानों के लिए बंगाल को बताया सुरक्षित
कार्यक्रम में अवैध मदरसों पर चल रही कार्रवाई और लाउडस्पीकर हटाने के अभियान का उल्लेख करते हुए मौलाना ने इसे सख्त कदम बताया और इस पर आपत्ति जताई. साथ ही उन्होंने बंगाल को मुसलमानों के लिए बेहतर और सुरक्षित स्थान बताते हुए लोगों से वहां बसने की अपील की. इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
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