Nepal GenZ Protest: हिंसा की आग में जल रहे नेपाल में फंसे छतरपुर के 14 लोग, पीएम मोदी से लगाई सुरक्षित वापसी की गुहार

Nepal GenZ Protest: नेपाल में जारी विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के बीच भारत के हजारों लोग फंसे हुए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सुरक्षित निकालने की गुहार लगा रहे हैं. इन्हीं में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के भी 4 परिवार शामिल हैं जिनमें बच्चों सहित कुल 14 लोग नेपाल में फंसे हुए हैं.

जानकारी के अनुसार, कोतवाली इलाके के गल्ला मंडी निवासी व्यापारी पप्पू मातेले, ट्रांसपोर्ट कारोबारी निर्देश अग्रवाल, गुड्डू अग्रवाल और एक कुशवाहा परिवार नेपाल घूमने गए थे. फिलहाल सभी लोग नेपाल की राजधानी काठमांडू के एक होटल में फंसे हुए हैं.

हिंसा के दौरान नेपाल में आगजनी, तोड़फोड़ और कई लोगों की मौत की खबरें आ रही हैं. काठमांडू के होटल में फंसे निर्देश अग्रवाल ने होटल की खिड़की से बाहर हो रही हिंसा और आगजनी का वीडियो भी भेजा है. इस मामले पर विधायक ललिता यादव ने भी चिंता जताते हुए परिवारों की सुरक्षित वापसी की मांग की है.

प्रधानमंत्री और राष्‍ट्रपति ने दिया इस्‍तीफा
7 सितंबर से नेपाल में शुरू हुआ Gen-Z आंदोलन इतना उग्र रूप ले चुका है कि नेपाल के प्रधानमंत्री और रा‍ष्‍ट्रपति दोनों को अपने पद से इस्‍तीफा देना पड़ गया है. इस आंदोलन की शुरूआत सोशल मीडिया बैन और भ्रष्‍टाचार के खिलाफ फूटे गस्‍से से हुई है. इस गुस्‍से ने पूरी देश की सत्ता को हिलाकर रख दिया. आंदोलन में मुख्‍य भुमिका काठमांडू के मेयर बालेन शाह और सुदन गुरुंग ने निभाई है. इन दोनों ने ही इस आंदोलन को हवा दी जिसके बाद विरोध प्रदर्शन बढ़ता चला गया. इस प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा और राष्‍ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने अपना इस्‍तीफा दे दिया. Gen-Z आंदोलन ने नेपाल के इतिहास का सबसे बड़ा ऐतिहासिक बदलाव वाला आंदोलन बन गया.

बालेन शाह ने किया समर्थन
काठमांडू के मेयर 35 वार्षीय बालेन शाह अपनी स्‍वतंत्र और भ्रष्‍टाचार विरोधी छवि के लिए जाने जाते हैं. इन्‍हें बालेन के नाम से जाना जाता है. उन्‍होंने 2022 में मेयर के लिए स्‍वतंत्र उम्‍मीदवार के रूप में चुनाव जीता था. जीतने के बाद सड़को की सफाई, पैदल चलने वाले यात्रियों के लिए नया सुरक्षित फुटपाथ और सरकारी स्‍कूलों की देखभाल जैसे काम किए जिससे उनकी लोकप्रियता बढ़ गई.

बालेन ने फेसबुक पर Gen-Z आंदोलन का पूरी तरह से समर्थन किया. आयु सीमा कम होने पर वह आंदोलन में शामिल नहीं हो पाए. उन्‍होंने प्रदर्शनकारियों से राष्‍ट्रीय संपति को नुकसान न पहुंचाने की अपील करते हुए कहा कि राष्‍ट्रीय संसाधनों का नुकसान हमारा अपना नुकसान है.

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