‘सुनो! तुम्हारा पानी का कनेक्शन काट रहे हैं, जल्दी से पानी का बिल भुगतान करो नहीं तो तुम्हारे घर का पानी बंद कर रहे हैं…’ फोन पर इतनी बात सुनने के बाद युवक के पास एक मैसेज आया और उस पर क्लिक करते ही खाते से 8.6 लाख रुपये साफ हो गए. पानी बिल के नाम पर साइबर अपराधियों ने ठगी के लिए एक नायाब तरीका निकाला. उन्होंने इसे अपनाते हुए रांची के लालपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले अंकुर महेश्वरी से 8.60 लाख रुपए की ठगी की.
इस संबंध में पीड़ित अंकुर महेश्वरी ने रांची के साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है. ठगी के शिकार पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 12 जुलाई को उन्हें उनके मोबाइल फोन के व्हाट्सएप एप्लीकेशन पर एक मैसेज प्राप्त हुआ था. इस मैसेज में रांची नगर निगम का लोगो लगा हुआ था. उसमें लिखा गया था कि आपका पानी का बिल बकाया है. अगर समय रहते पानी के बिल का भुगतान नहीं किया गया तो रात 9:00 के बाद पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा.
साथ ही उस मैसेज में एक मोबाइल नंबर भी दिया गया था, जिस पर अधिक जानकारी के लिए संपर्क करने की बात लिखी गई थी. रांची नगर निगम के नाम से पानी का कनेक्शन काटने से संबंधित मैसेज देख अंकुर महेश्वरी परेशान हो गए. वो साइबर अपराधियों के झांसे में आ गए. उन्होंने मोबाइल के व्हाट्सएप पर भेजे गए मैसेज में दिए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया.
मोबाइल पर फोन करते ही सामने वाले युवक ने खुद को रांची नगर निगम का प्रतिनिधि बताया. उसने अंकुर महेश्वरी को झांसे में लेते हुए कहा कि आपके फोन पर एक लिंक भेजा जा रहा है. उस एप्लीकेशन को डाउनलोड कर लीजिए और केवल 19 रुपए का भुगतान कर दीजिए. इससे आपका प्रोफाइल अपडेट हो जाएगा.
अपराधियों के कहे में आकर पीड़ित से एप्लीकेशन से पहले 19 रुपए का भुगतान किया. कुछ देर के बाद अलग-अलग किस्तों में उनके खाते से 8.60 लाख रुपए गायब हो गए. इधर जैसे ही खाते से एक के बाद एक पैसे निकलने के मैसेज आने लगे तो पीड़ित अंकुर महेश्वरी को शक हुआ.
उन्हें खुद के साइबर ठगी के शिकार होने की जानकारी मिली. उन्होंने तत्काल रांची के साइबर थाना में पहुंचकर पानी बिल के नाम पर 8.60 लाख की साइबर ठगी की एफआईआर दर्ज कराई. साइबर थाने की पुलिस पूरे मामले की तहकीकात में जुट गई. फिलहाल मामले में आरोपियों की तलाश की जा रही है.
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