ननों की गिरफ्तारी के खिलाफ इंडी गठबंधन की पीसी, बजरंग दल पर लगाए कई आरोप, FIR रद्द करने की मांग

Chhattisgarh: दुर्ग रेलवे स्टेशन पर 2 ननों की गिरफ्तारी का मामला बढ़ता जा रहा है. इसके बाद 29 जुलाई को INDI गठबंधन के 4 सांसद और केरल के एक MLA रायपुर पहुंचे. रायपुर से 5 सदस्यों का डेलीगेट दुर्ग जेल पहुंचे थे. इसके बाद सभी ने मुख्यमंत्री से भी मुलाकात थी. वहीं आज इंडी गठबंधन के सांसदों ने नन की गिरफ्तारी के मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जहां CPI नेता वृंदा करात ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है.

ननों की गिरफ्तारी के खिलाफ इंडी गठबंधन की पीसी
आज रायपुर में केरल से आए इंडी गठबंधन के सांसदों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें CPI नेता वृंदा करात ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजा है. दुर्ग जिले में बंद नन से मिले है. छत्तीसगढ़ में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है. कम्युनिटी को टारगेट किया जा रहा है.

वृंदा करात ने बजरंग दल पर लगाए कई आरोप
वृंदा करात ने कहा कि छत्तीसगढ़ में क्या कोई अलग कानून है क्या? बजरंग दल जैसे संगठन को कोई विशेष अधिकार दिया गया क्या? लॉ एंड आर्डर को हाथ में लेकर लोगों के ऊपर अत्याचार कर सकते हैं. बजरंग दल ने आदिवासी लड़कियों को मारा पीटा है.

ननों पर झूठा आरोप लगाया गया
उन्होने आगे कहा कि नन भी देश के निवासी है, लोगों की सेवा करने का काम कर रहे हैं. जेल में बंद करके जिस तरीके से व्यवहार किया गया. शर्म के मारे सर झुक जा रहा है. दोनों लोगों को गंदे गंदे गालियां दी गई. ननों के ऊपर झूठा आरोप है. उन्होनो क्रिश्चियन है इसलिए ऐसा व्यवहार किया जा रहा है.

क्या है पूरा मामला?
मामला छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले का है. 25 जुलाई 2025 को दुर्ग रेलवे स्टेशन पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कंवर्जन (धर्मांतरण) की आशंका जताते हुए जमकर प्रदर्शन किया था. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आरोप था कि दो नन सिस्टर और एक युवक ने छत्तीसगढ़ की तीन आदिवासी युवतियों को बहला-फुसलाकर उत्तर प्रदेश के आगरा ले जा रहे थे, जहां उनके कंवर्जन की योजना थी. इस हंगामे की जानकारी मिलते ही GRP मौके पर पहुंची. इस दौरान पुलिस ने मौके से दो नन और युवक को धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.

2 नन की गिरफ्तारी से सियासी बवाल
दुर्ग में GRP द्वारा गिरफ्तार की गईं दोनों नन मलयाली हैं. वह ग्रीन गार्डन्स धार्मिक समुदाय की नन हैं. दोनों की गिरफ्तारी को लेकर सियासी बवाल मच गया है. इस मामले में केरल के CM पिनाराई विजयन ने दोनों नन की रिहाई के संबंध में PM नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. वहीं, AICC महासचिव ने वेणुगोपाल ने छत्तीसगढ़ के CM विष्णु देव साय को पत्र लिखा है. इसके अलावा 28 जुलाई को लोकसभा के बाहर इसे लेकर UDF के सांसदों ने विरोध किया. वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

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