केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड समझौते को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसानों, युवाओं, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और कारीगरों के हित में है और इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा किसानों के बीच डर फैलाने की कोशिश की जा रही है और यह पूरी तरह से झूठ और बनावटी दावों पर आधारित है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के साथ बातचीत और वीडियो पहले से तय स्क्रिप्ट के अनुसार किए जा रहे हैं, जिससे गलत संदेश फैलाया जा सके।
पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार ने इस समझौते में किसानों के हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि सोयामील और मक्का जैसे संवेदनशील कृषि उत्पादों पर किसी तरह की छूट नहीं दी गई है, जिससे घरेलू किसानों को नुकसान नहीं होगा।

सेब के आयात को लेकर उठे विवाद पर मंत्री ने बताया कि देश में पहले से ही हर साल लगभग 5.50 लाख टन सेब आयात किया जाता है, क्योंकि घरेलू उत्पादन मांग का केवल 80 प्रतिशत ही पूरा कर पाता है। नए समझौते में आयात की सीमा तय की गई है और न्यूनतम आयात मूल्य तथा शुल्क लागू रहेगा, जिससे स्थानीय उत्पादकों की सुरक्षा बनी रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अखरोट के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका को सीमित मात्रा में ही आयात की अनुमति दी गई है, जो भारत की कुल आवश्यकता से काफी कम है। इससे स्थानीय किसानों पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
पीयूष गोयल ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान बड़े पैमाने पर कृषि उत्पादों का आयात किया गया था, जबकि वर्तमान सरकार ने किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि किसान सुरक्षित रहेंगे तो देश का विकास भी सुनिश्चित होगा।
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