जगदलपुर। झीरम घाटी नक्सली हमले को लेकर बीजेपी नेता जेपी नड्डा के बयान पर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इस बयान को आपत्तिजनक बताते हुए कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने जेपी नड्डा से शहीद नेताओं के परिवारों से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है।
जगदलपुर स्थित कांग्रेस राजीव भवन में प्रेस वार्ता के दौरान दीपक बैज ने कहा कि जेपी नड्डा का बयान झीरम घाटी हमले में शहीद हुए नेताओं और उनके परिजनों का अपमान है। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर गैर-जिम्मेदार बयान देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
दीपक बैज ने याद दिलाया कि झीरम घाटी की घटना के समय छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार थी और डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा चल रही थी और नक्सलियों ने पहले ही प्रेस नोट जारी कर इसका विरोध किया था, तब सरकार ने यात्रा को पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं दी।
उन्होंने यह भी पूछा कि जब परिवर्तन यात्रा सुकमा जैसे संवेदनशील इलाके से गुजर रही थी, तब सुरक्षा व्यवस्था मजबूत क्यों नहीं की गई। बैज का आरोप है कि घटना से करीब 15 दिन पहले ही नक्सलियों की मौजूदगी की जानकारी थी, इसके बावजूद खुफिया एजेंसियां (आईबी और एलआईबी) सक्रिय क्यों नहीं हुईं।
पीसीसी चीफ ने आरोप लगाया कि सरकार को झीरम घाटी की घटना की जानकारी होने के बावजूद सत्ता के लालच में इसे होने दिया गया। उन्होंने इस हमले को टारगेट किलिंग और सुपारी किलिंग करार दिया।
दीपक बैज ने कहा कि उस समय जेपी नड्डा छत्तीसगढ़ के प्रभारी थे। यदि उनके पास इस घटना से जुड़ी कोई जानकारी है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने जेपी नड्डा और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नार्को टेस्ट की भी मांग की। इस बयान के बाद झीरम घाटी हमले को लेकर एक बार फिर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है।
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