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40 करोड़ की सौम्या “चौर” सिया

आर्थिक अपराध करने वालों में पुरुषों का वर्चस्व होता ही है, ये कोई नई बात नहीं है। नई बात है महिलाओं के द्वारा इस मामले में पुरुषों की बराबरी करना या उनसे आगे निकल जाना। भ्रष्ट्राचार के मामले में देश में संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा से सफल भारतीय प्रशासनिक, पुलिस सेवा सहित संवर्ग सेवा के अधिकारियों के नाम नरेंद्र मोदी के पिछले ग्यारह साल में खूब उजागर हुए।आम धारणा हुआ करती थी कि जांच एजेंसियां केवल द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों पर हाथ डालती है या ऐसे विभाग के अधिकारियों को पकड़ती है जो निगम, बोर्ड आदि के अधिकारी है। ये धारणा बदली और छत्तीसगढ़ राज्य में ही आठ आई ए एस अधिकारी जेल दाखिल हो चुके है।

छत्तीसगढ़ की एक आई ए एस महिला रानू साहू देश की महान भ्रष्टतम अधिकारी का श्रेय पा चुकी है।उनके द्वारा भ्रष्टाचार कर अनधिकृत रूप से करोड़ो रुपए का धन अर्जन का मामला न्यायालय में है। उनके द्वारा किए गए आर्थिक अपराध की गंभीरता को देखते हुए रानू साहू को जिला नहीं राज्य बदर किया गया है। आईएएस अफसर के लिए अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने के हमेशा अवसर बने रहते है।

आबकारी, खनिज राजस्व और खाद्य विभाग से साल में बिना मेहनत के साल में दस करोड़ रुपए मिल ही जाते है। भारतीय सेवा से नीचे राज्य सेवा के अधिकारी आते है। छत्तीसगढ़ में एक महिला ने भ्रष्ट्राचार के सारे कीर्तिमान भंग कर दिया है। ये महा महा महा भ्रष्ट महिला अधिकारी है भारी भरकम सौम्या चौर+सिया+ सत महज दस साल की सेवा में सरकार ने इनके कार्य दायित्व के लिए एक करोड़ रुपए से अधिक भुगतान का भुगतान राज्य के ट्रेज़री से उनके बैंक खाते में किया था।

पैसे के मामले में सौम्या चौरसिया पिशाच निकली जो रिश्वत खाती नहीं थी बल्कि पीती भी थी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बेहद करीबी महिला सौम्या चौरसिया जिसे “मेरी उप सचिव” की पदवी मिली थी। मुख्यमंत्री कार्यालय से पैसे खाने की योजनाकार, शिल्पकार,मूर्तिकार सब थी। पूरी टीम बना कर रखी थी। लल्लो चप्पो करने वाले आईएएस,आईपीएस अधिकारी सहित राज्य के प्रथम , द्वितीय श्रेणी के अधिकारी दरबारी थे। अपने कुकर्मों का फल सौम्या चौरसिया भुगत ही रही है। गुड में चिपकने वाली मक्खियां भी जेल में जा आ रहे है।

एक करोड़ कमाने के लिए अधिकृत महा महाभ्रष्ट महिला लालच की चाशनी में अपनी बूढ़ी मां, पति ,भाई बहन तक को नहीं छोड़ा।सबके नाम का दुरुपयोग कर चालीस करोड़ रुपए की अचल संपत्ति खरीद डाली। ये तो जांच एजेंसी के हिस्से में आए दस्तावेज की कीमत है। न जाने कितना नगद, डॉलर में बदल कर रखी है। दुबई में रखवाई है। सोने की ईंटे खरीदी है।ये सब अज्ञात है। दो जांच एजेंसियो ने महाभ्रष्ट महिला के चालीस करोड़ की अचल संपत्ति को कुर्क कर लिया है।

इस महा भ्रष्ट महिला अधिकारी सौम्या चौरसिया की बेबसी देखिए कि कांग्रेस शासनकाल में राज्य के सारे नामवर समाचार पत्र इस भारी भरकम महिला की फोटो तो दूर की बात नाम भी नहीं छाप सकते थे। जनसंपर्क संचालक का फरमान था।एक आंग्ल समाचार पत्र ने नाम छाप दिया था तो नागपुर पहुंच गए थे। विज्ञापन बंद कर दिए।माफीनामा मांगे। पुलिस वालों की ऐसी गुंडागर्दी थी। अभिषेक माहेश्वरी तो पुलिस की नौकरी छोड़ सौम्या चौरसिया का निजी नौकर हो गया था।आज फ्री प्रेस दिख रहा है। बोल्ड हैडिंग लग रही है, मातारानी के फोटो लग रहे है। सौम्या चौरसिया के विरुद्ध कड़ी जांच होना चाहिए। सरकार के पास चालीस करोड़ रुपए की अचल संपत्ति खरीदने का प्रमाण है।इसलिए निलंबन खत्म कर बर्खास्त किया जाना चाहिए।

सौम्या चौरसिया ने 5 मई 2019 को रात 11 बज कर 23 मिनट पर अपने मोबाइल नंबर 94241- 17064 से व्हाट्सएप चैट में अनिल टुटेजा को किस हनी ट्रैप में फंसे आई ए एस अधिकारी को “कमीना” और “साला”कहा?

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