बिलासपुर पुलिस की ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ मुहिम उस वक्त सुर्खियों में आई, (Selective Action) जब सिविल लाइन थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो सटोरियों को गिरफ्तार कर यह संदेश देने की कोशिश की कि कानून अब सख्त है, लेकिन इसी कार्रवाई के बाद शहर में एक असहज और बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या यह सख्ती पूरे बिलासपुर में समान रूप से लागू हो रही है या फिर थाना सीमा के हिसाब से कानून की धार बदल जाती है।
सिविल लाइन में जहां ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग के दौरान ऑनलाइन सट्टा पकड़ में आ जाता है, वहीं सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में कथित तौर पर सट्टा कारोबार खुलेआम ‘ओपन नेट प्रैक्टिस’ की तरह चल रहा है।

सिविल लाइन पुलिस का ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खिलाफ कार्रवाई, (Selective Action)
स्थानीय लोगों का आरोप है (Selective Action) कि दीपक मानिकपुरी नामक सटोरिया खुद को “सिरगिट्टी का सट्टा किंग” बताकर बेखौफ अंदाज़ में सट्टा खिला रहा है, वहीं यदुदंडन नगर इलाके में ‘पेंटर’ नाम से चर्चित सटोरिया भी बिना किसी रोक-टोक के अपना नेटवर्क चला रहा है। ऐसे में सवाल उठना लाज़मी है कि क्या इन सटोरियों को राजनीतिक या प्रभावशाली संरक्षण प्राप्त है, या फिर सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में सट्टा अपराध पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल ही नहीं है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा सट्टा सिंडिकेट से जुड़े सटोरियों और खाईवालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जरूर दिए गए हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत यही बताती है कि कार्रवाई की रफ्तार थाना बदलते ही धीमी पड़ जाती है। अब देखना यह होगा कि बिलासपुर पुलिस इन खुलेआम “ओपन चैलेंज” दे रहे सटोरियों पर कब और कैसी ठोस कार्रवाई करती है, या फिर यह मामला भी सिर्फ सवाल बनकर फाइलों में दबा रह जाएगा।
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