वाह भाई वाहः बेंगलुरु के आवारा कुत्ते खाएंगे चिकन राइस, 5,000 डॉग्स को हर दिन मिलेंगे 367 ग्राम Chicken Rice

लो भईया! कुत्ते के दिन फिर गए हैं। अरे थोड़ा रुकिए… हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि भारत में एक हिंदी कहावत बहुत मशहूर है- “कुत्तों के दिन भी फिरते हैं”। कुत्तों के दिन फिरने की शुरुआत कर्नाटक के राजधानी बेंगलुरु से हुई है। बेंगलुरु महानगर पालिका आवारा कुत्तों के लिए ‘कुक्किर तिहार’ योजना शुरू की जा रही है। योजना के तहत बेंगलुरु शहर के लगभग 5,000 कुत्तों को रोजाना 367 ग्राम चिकन राइस खाने को मिलेगा। अब सोचिए… जहां इंसान को दो वक्त की रोटी के लिए दिन भर मेहनत करनी पड़ती है। वहीं बैठे-बैठाए इन स्ट्रीट डॉग्स को चिकन राइस (Chicken Rice) खाने को मिलेगा। तो हो गया न “हर कुत्तों के दिन भी फिरते हैं” वाली कहावत चरितार्थ।

इस योजना पर बीबीएमपी (BBMP) सालाना करीब 2.88 करोड़ रुपये खर्च करेगी। योजना का उद्देश्य केवल भोजन प्रदान करना नहीं, बल्कि जनभागीदारी से आवारा पशुओं की देखभाल को बढ़ावा देना है। बेंगलुरु में स्ट्रीट डॉग्स को चिकन राइस खिलाने की योजना पर तमिलनाडु से कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा, ‘क्या यह सच है? कुत्तों की सड़कों पर कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्हें शेल्टर होम में स्थानांतरित किया जाना चाहिए, जहां उनका टीकाकरण और नसबंदी हो सके। उन्हें सड़कों पर घूमने की आज़ादी देकर खाना खिलाना एक गंभीर स्वास्थ्य और सुरक्षा खतरा है’। 28 मार्च 2025 को कार्ति चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की थी, जिसमें उन्होंने देशभर में आवारा कुत्तों से जुड़ी बढ़ती स्वास्थ्य और सुरक्षा समस्याओं पर चिंता जताई थी।

कार्ति चिदंबरम ने साथ ही में एक्स पर लिखा, भारत में करीब 6.2 करोड़ आवारा कुत्ते हैं, जो दुनिया में सबसे बड़ी आबादी में से एक है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि भारत आज भी रेबीज से प्रभावित देशों में शामिल है, और दुनिया में होने वाली रेबीज से मौतों में 36 फीसदी सिर्फ भारत में होती हैं। उन्होंने ये भी कहा कि भले ही 2023 में पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियम लागू किए गए हों, लेकिन उनका प्रभावी इम्प्लीमेंटेशन नहीं हो पाया।

राष्ट्रीय टास्क फोर्स बनाने का सुझाव
कार्ति चिदंबरम ने इस संकट के लिए एक राष्ट्रीय टास्क फोर्स बनाने का प्रस्ताव रखा, जो व्यापक, मानवीय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इस समस्या का हल तलाशे और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर काम करे। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि देशभर में स्थायी शेल्टर हाउस और एक दीर्घकालिक रणनीति बनाई जानी चाहिए, ताकि आवारा पशुओं से जुड़ी समस्या को स्थायी रूप से सुलझाया जा सके।

BBMP ने जारी किया टेंडर
BBMP के पशुपालन विभाग ने एक नई पहल के तहत आठ जोन में आवारा कुत्तों को रोज़ाना भोजन उपलब्ध कराने के लिए टेंडर जारी किया है। प्रस्ताव के अनुसार, हर ज़ोन में 500 कुत्तों को खाना खिलाने की योजना है, जिनमें ईस्ट, वेस्ट, साउथ, आरआर नगर, दसरहल्ली, बोम्मनहल्ली, येलहंका और महादेवपुरा शामिल हैं। पहले चरण में कुल 4,000 कुत्तों को प्रतिदिन खाना देने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि आखिरी लक्ष्य 5,000 कुत्तों तक पहुंचना है।

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