Bangladesh Election: बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (BNP) ने एकतरफा जीत दर्ज की है. इस चुनाव में 4 हिंदू उम्मीदवारों ने भी बाजी मारी है. खास बात है कि ये चारों नेता एक ही पार्टी से जुड़े हैं. जमात-ए-इस्लाम ने भी एक हिंदू उम्मीदवार उतारा था, लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा. इस चुनाव में BNP को 212 सीटें मिलीं तो वहीं कट्टर पंथी सोच रखने वाली पार्टी जमात-ए-इस्लाम सिर्फ 68 सीटों पर अटक कर रह गई. यहां जानें कौन हैं वो 4 हिंदू नेता, जिन्होंने बांग्लादेश में सांसद का चुनाव जीता?
बांग्लादेश चुनाव में गायेश्वर चंद्र रॉय, निताई रॉय चौधरी, अधिवक्ता दिपेन दीवान और साचिंग प्रू ने जीत दर्ज की है. ये चारों हिंदू नेता ताहिर रहमान की पार्टी BNP से ताल्लुक रखते हैं. वहीं जमात-ए-इस्लाम से ताल्लुक रखने वाले हिंदू नेता कृष्ण नंदी हार गए हैं. कृष्ण नंदी जमात के टिकट पर खुलना-1 सीट से चुनावी मैदान में थे, जहां उनको 70 हजार से ज्यादा वोट मिले, लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा. यानी जमात-ए-इस्लाम से कोई भी हिंदू नहीं जीत सका.
इन 4 हिंदू नेताओं ने जीता चुनाव
निताई राय चौधरी
हिंदू नेता निताई राय चौधरी बीएनपी के टिकट से मगुरा क्षेत्र से उम्मीदवार थे, जिन्होंने 1,47,000 से अधिक वोटों के साथ जीत दर्ज की है. निताई राय अल्पसंख्यकों के बड़े नेता माने जाते हैं.
गायेश्वर चंद्र राय
गायेश्वर चंद्र राय बीएनपी के वरिष्ठ नेता हैं. इन्होंने ढाका क्षेत्र से चुनाव लड़ा, जिसमें 99 हजार से ज्यादा वोट मिले हैं. गायेश्वर के संबंध निताई राय से भी हैं, दोनों नेता मिलकर हिंदुओं की आवाज बुलंद करते हैं.
साचिंग प्रू
साचिंग प्रू बंदरबन क्षेत्र से चुनावी मैदान में थे. इन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को करारी शिकस्त दी. साचिंग को 1,41,000 से ज्यादा वोट मिले.
अधिवक्ता दीपेन दीवान
अधिवक्ता दीपेन दीवान ने तीसरी बार सांसद का चुनाव जीता है. दीपेन की पैठ लगभग हर धर्म और समाज में है. यही वजह है कि दीपेन तीसरी बार जीत दर्ज किए हैं.
इस चुनाव में अल्पसंख्यकों की संख्या 79 रही, लेकिन जीत का आंकड़ा उम्मीदवारों की अपेक्षा कम रहा. अल्पसंख्यकों को 22 पार्टियों ने टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा था. जिसमें सिर्फ 4 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है.
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