बिलासपुर।अचानकमार टाइगर रिजर्व में हाल ही में हुई घटना के बाद वन्यजीवों की सुरक्षा और वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने चिंता जताते हुए कहा है कि जंगल और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचने की सबसे बड़ी वजह लोगों में जागरूकता की कमी है।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कई बार आम लोगों को यह जानकारी ही नहीं होती कि जंगल में घुसना या वन्य पशु-पक्षियों को नुकसान पहुंचाना कानूनन बड़ा अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। इसी अज्ञानता के चलते कुछ लोग बिना सोचे-समझे ऐसे कदम उठा लेते हैं, जिससे वन्यजीवों और जंगलों को नुकसान होता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि अगर लोगों को वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी सही और सरल जानकारी दी जाए, तो इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। इसके लिए जंगल और आसपास के इलाकों में वाइल्ड लाइफ पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्में दिखाने, जागरूकता शिविर लगाने और नियमों की स्पष्ट जानकारी देने की मांग की गई है।
जनप्रतिनिधियों का साफ कहना है कि डर नहीं, बल्कि जानकारी ही सबसे बड़ा हथियार है। जब लोगों को यह समझ में आएगा कि जंगल सिर्फ पेड़-पौधों का समूह नहीं, बल्कि पूरे पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा से जुड़ा है, तब वे खुद ही संरक्षण के लिए आगे आएंगे।
अब बड़ा सवाल यह है कि वन विभाग इस दिशा में कोई ठोस योजना बनाता है या फिर यह सुझाव भी फाइलों में ही दबकर रह जाएगा। फिलहाल, सभी की नजरें वन विभाग और शासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
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