पटना। जिले (bihar Excise Department) के मसौढ़ी थाना क्षेत्र के दही भत्ता स्थित दिनकर नगर में आबकारी विभाग ने देशी शराब भट्टी पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान दर्जनों लोग शराब पी रहे थे। पुलिस के डर से करीब आधा दर्जन नशेड़ी नाले में कूद गए, जिनमें से लहसुना के रहने वाले 45 वर्षीय उपेंद्र बिंद की मौत हो गई।
आग लगा दी
उपेंद्र बिंद की मौत के बाद गुस्साई भीड़ ने आबकारी विभाग की पुलिस की गाड़ी घेर कर उसमें आग लगा दी। पुलिस कर्मियों को वहां से जान बचाकर भागना पड़ा। इसके बाद भीड़ ने आबकारी पुलिस के बैरक पर पत्थरबाजी की, शीशे तोड़े और स्कॉर्पियो वाहन जला दिया।
मृतक के आश्रितों ने प्रदर्शन करते हुए सरकारी नौकरी और मुआवजे की मांग की। एसडीपीओ नव वैभव, बीडीओ प्रभाकर कुमार, सीओ प्रभात रंजन और थाना अध्यक्ष अनिल कुमार ने सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा देने का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब चार घंटे चले आंदोलन के बाद मृतक की पत्नी को आशा कार्यकर्ता के पद पर नौकरी और दो लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा के बाद सड़क जाम समाप्त हुआ।
आबकारी विभाग का छापामारी अभियान जारी
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है। आबकारी विभाग लगातार शराब बनाने और पीने वालों के खिलाफ छापेमारी कर रहा है। मसौढ़ी की यह घटना इसी अभियान के दौरान हुई, जिसमें नशेड़ी और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर हिंसक रूप से हमला किया।
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