उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने पश्चिमी यूपी में नई सियासी रणनीति शुरू कर दी है. मेरठ में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने रोजा इफ्तार कार्यक्रम आयोजित किया है. जिसमें कई केंद्रीय और प्रदेश स्तर के नेता शामिल हुए. माना जा रहा है कि इस आयोजन के जरिए पार्टी मुस्लिम समुदाय के बीच संवाद बढ़ाकर सपा के पारंपरिक वोटबैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है.
बता दें कि आज यूपी बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने ‘रोजा इफ्तार’ का आयोजन किया है. भाजपा नेताओं का कहना है कि रमजान आपसी भाईचारे का महीना है. इस महीने में हम सब मिलकर देश के अमन-चैन और खुशहाली के लिए एकजुट हो रहे हैं. हम सब मिलकर विकसित उत्तर प्रदेश को बनाने का काम करेंगे.
इस रोजा इफ्तार में बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है. बीजेपी नेताओं के मुताबिक मोदी और योगी सरकार का संदेश साफ है किसबको साथ लेकर चलना है. रोजा इफ्तार के बहाने अल्पसंख्यक समुदाय के साथ संवाद कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा. पश्चिमी यूपी में मुसमलानों की तादाद सबसे ज्यादा है और उसका केंद्र मेरठ है. इसीलिए लखनऊ के बजाय मेरठ में रोजा इफ्तार का आयोजन किया जा रहा है.
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