जब किसी व्यक्ति को नाम बदलने या चेहरा छुपाने की मजबूरी हो जाए तो ये समझ लेना चाहिए कि दाल में कुछ काला नहीं दाल ही काली है। पहले तो सौरभ चंद्राकर ने श्रीलंका के क्रिकेट खिलाड़ी असंथा मेंडिस के नाम से दुबई से ओमान भागा और रायपुर आया तो मुंह छिपाकर अदालत में पेश हुआ।
फलो का रस बेचने वाले सौरभ चंद्राकर को सट्टे का काम ऐसा रास आया कि उसने अच्छो अच्छों को जी भर के रसस्वादन करवाया खूब मौज करवाई।खूब काले पैसे को सफेद किया। जिनके लिए सौरभ चंद्राकर ने सुविधा मुहैया करवाई वे कल तक चैन की नींद सो रहे थे लेकिन सीबीआई आठ दिन के लिए सौरभ चंद्राकर को पूछताछ के लिए दिल्ली क्या के गई अफवाहों का बाजार गर्म हो गया है।चैन की नींद सोने वाले बैचेन है, नींद उड़ गई है। पता नहीं किस राजनीतिज्ञ का नाम ले दे? कितने आईपीएस आईएएस अधिकारियों के नाम गिन दे।कितने आईपीएस अधिकारियों की पोल खोल दे।
कितने व्यापारियों का काला धन लगाने वालों की सूची थमा दे। इस बार दोहरी दिक्कत है कि पूछताछ रायपुर में नहीं दिल्ली में होगी क्योंकि मामला राज्य का नहीं देश का है। देश के पैसे को दूसरे देश में चलाने, खपाने का मसला है। जिस तरीके से सट्टेबाजी में करोड़ों रुपए कमाए गए है और छत्तीसगढ़ राज्य के भ्रष्ट राजनीतिज्ञों, अधिकारियों और व्यापारियों के अरबों रुपए का विनियोग किया गया है उसकी जवाबदेही का समय आ गया है।
बताया जा रहा है कि सौरभ चंद्राकर यूं ही भारत नहीं आया है बल्कि सीबीआई को ईमानदारी से सारे सबूत देने के नाम पर खुद के साथ रियायत बरतने की शर्त पर आया है।योजना भी ऐसी बनी है कि सौरभ चंद्राकर के भारत में लाने के साथ ही दुबई में उसके पार्टनर रवि उप्पल की गिरफ्तारी भी होगी। ये खबर सट्टे के ऐसे खायीवालो को परेशान करने वाली है जो छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टा को प्रमोट कर रहे थे। एक एडिशनल एसपी और एक एसआई के नाम की बड़ी चर्चा रही है इस सट्टा में, महादेव का अभिषेक हो चुका है, आरती पूजन के बाद अब पूर्णाहुति की तैयारी है।हर हर महादेव
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