गाजीपुर. साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर सेल टीम ने एक बार फिर अपनी तत्परता और तकनीकी कुशलता का परिचय दिया है. UPI के जरिए हुई बड़ी धोखाधड़ी में पीड़ित के खाते से गायब हुई पूरी 3,44,886 रुपये की राशि को मात्र 72 घंटों के अंदर वापस करा दिया गया.
घटना थाना कोतवाली क्षेत्र के निवासी अरुण कुमार पुत्र राजाराम यादव के साथ हुई. अरुण कुमार के साथ धोखेबाजों ने UPI ट्रांजेक्शन के माध्यम से 3,44,886 रुपये की ठगी कर ली. जैसे ही यह धोखाधड़ी हुई, पीड़ित अरुण कुमार ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल किया और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई. यह शिकायत दर्ज होते ही गाजीपुर साइबर सेल की टीम हरकत में आ गई.
साइबर सेल प्रभारी सब-इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा के निर्देशन में टीम के सदस्यों – कॉन्स्टेबल शिवम सिंह, कॉन्स्टेबल शुभम सिंह, कॉन्स्टेबल विशाल और कॉन्स्टेबल प्रेम शंकर ने अथक प्रयास करते हुए संबंधित बैंकों, पेमेंट गेटवे और अन्य तकनीकी माध्यमों से त्वरित समन्वय स्थापित किया. टीम की मेहनत रंग लाई और दिनांक 1 जनवरी 2026 को पीड़ित अरुण कुमार के बैंक खाते में ठगे गए पूरे 3,44,886 रुपये वापस ट्रांसफर करा दिए गए.
साइबर सेल की इस कार्रवाई से न केवल पीड़ित को बड़ी राहत मिली है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि समय पर शिकायत दर्ज करने से ठगी की राशि वापस पाई जा सकती है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठग अक्सर फिशिंग, फेक UPI आईडी, ओटीपी मांगने या फर्जी ऐप्स के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाते हैं. इसलिए नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी किसी से शेयर न करें और किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं.
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter