छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर का गांधी चौक इलाका, जिसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का गढ़ माना जाता है, (Fake officer) वहां से ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। एक छात्र, जो वर्षों से IAS और CGPSC का सपना संजोकर मेहनत कर रहा था, वह ‘मंत्रालय में सीधी सेटिंग’ और ‘गारंटीड नौकरी’ के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठा। आरोपी ने पीड़ित को अमीन पटवारी और केमिस्ट के पद पर नियुक्ति दिलाने का प्रलोभन देकर, ‘लास्ट चांस’ का डर दिखाकर कुल 5 लाख 25 हजार रुपये हड़प लिए। चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरी रकम ‘आदर्श महंत’ नामक एक कथित मंत्रालय अधिकारी के खाते में ट्रांसफर करवाई गई थी।
गांधी चौक से मंत्रालय तक बिछाया जाल, (Fake officer)
जब महीनों बीत जाने के बाद भी कोई नियुक्ति पत्र नहीं मिला, तो मामले की शिकायत हुई इसके बाद पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की , जांच के डिजिटल ट्रेल और बैंक रिकॉर्ड्स ने होश उड़ा देने वाला खुलासा किया जिस व्यक्ति को मंत्रालय का बड़ा अफसर बताया जा रहा था, वह असल में गांधी चौक के पास ही एक साधारण चाय-नाश्ते की दुकान चलाने वाला व्यक्ति निकला।

ठगों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए उसके नाम पर खाता खुलवाया था, जिसका एटीएम और सिम कार्ड खुद आरोपियों के पास था। पुलिस प्रशासन ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस घटना ने बिलासपुर में रहकर तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के बीच सुरक्षा और सतर्कता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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