Neha Bora Statement: बांग्लादेश के जुलाई विद्रोह से प्रेरणा लेने की बात पर विवाद, BJP ने राहुल गांधी को घेरा

Neha Bora Bangladesh Statement: देशभर में पिछले 1 महीने से लगातार चुनाव आयोग और खास तौर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. देश की राजधानी दिल्‍ली में भी इंडिया गठबंधन एकजुट होकर लगातार प्रदर्शन कर रहा है. जिसमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA – आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी शामिल हुई थी. वे राहुल और प्रियंका के साथ-साथ ही चल रही थीं. यही वजह है कि देशभर में उनकी चर्चा भी हो रही है. हालांकि अब एक बयान को लेकर वह घिरती नजर आ रही हैं.

नेहा बोरा ने बांग्लादेश के सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट (SSF) के छठे राष्ट्रीय सम्मेलन के अवसर पर 14 अक्टूबर को यह मैसेज दिया था. इसमें उन्होंने बांग्लादेश के जुलाई विद्रोह से सीख लेने की बात कही. इसी बयान के बाद वह बीजेपी हमलावर हो गई. जिसके बाद न स‍िर्फ नेहा बोरा पर निशाना साधा बल्कि राहुल गांधी को भी आड़े हाथों लिया है.

पहले जान लीजिए नेहा ने कहा क्या है?
नेहा बोरा ने अपने मैसेज में बांग्लादेश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनके आंदोलन ने क्रांति का रास्ता दिखाया है. उन्होंने बांग्लादेश में धार्मिक कट्टरपंथ के खिलाफ चल रही लड़ाई का जिक्र किया. जिसमें कहा कि भारत के युवा भी इसी तरह के संघर्ष का सामना कर रहे हैं. उन्होंने बांग्लादेश के छात्रों के प्रति एकजुटता जताई और उनके आंदोलनों से प्रेरणा लेने की बात कही है.

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में युवा धार्मिक कट्टरपंथ के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, जबकि भारत में छात्र मोदी सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं. बांग्लादेश का सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट उस छात्र आंदोलन से जुड़ा रहा है, जिसके दौरान जुलाई 2024 में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे. इन घटनाओं के बाद शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी.

BJP ने राहुल गांधी पर उठाए सवाल
नेहा बोरा के बयान पर BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी को निशाने पर लिया. उन्होंने नेहा बोरा को राहुल गांधी की ‘पोस्टर गर्ल’ बताते हुए आरोप लगाया कि उनका बयान कांग्रेस की राजनीति को उजागर करता है.

BJP का कहना है कि इस तरह के बयान से राहुल गांधी के विरोध की प्रकृति पर सवाल उठते हैं. हालांकि, इस पूरे विवाद के केंद्र में नेहा बोरा का वह संदेश है, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश के छात्र आंदोलन को भारत के युवाओं के संघर्ष से जोड़ते हुए उससे प्रेरणा लेने की बात कही है.

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