भाजपा के डॉ रमन सिंह के पंद्रह साल के सुशासन के पहले और बाद में छत्तीसगढ़ की जनता ने कांग्रेस के कुशासन को देखा है। भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश में घोटाले के जो प्रतिमान स्थापित हुए वे आठवें आश्चर्य के रूप देखे जाने चाहिए।
भूपेश बघेल के कुशासन में आईएएस,आईपीएस और राज्य सेवा की एक अदनी सी महिला अधिकारी के रंगदारी के किस्से खूब हुए थे। आईएएस तो गैर वर्दीधारी है।समीर विश्नोई ,रानू साहू, अनिल टुटेजा, टामन सिंह सोनवानी, निरंजन दास,जैसे आईएएस अधिकारियों का जमीन में बिछ जाना समझ में आता है।
आईपीएस अधिकारी भी दलाली में जुट गए। प्रदेश के आधा दर्जन आईपीएस अधिकारी केंद्रीय जांच एजेंसी के घेरे में है।किस दिन उठा लिए जाए पता नहीं है। संशय में दिन रात गुजर रही है। एक राज्यस्तरीय दलाल पुलिस अधिकारी जो सौम्या चौरसिया का अधिकृत दल्ला रहा।कबाड़ियों को संरक्षण देकर अवैध कारोबार का वसूलीकर्ता रहा। सिविल लाइन थाने में बैठ कर पत्रकारों के खिलाफ फर्जी प्रकरण बनवा कर पीठ थपपवाने की आदत पाले वाला ये अधिकारी कांग्रेस शासनकाल में पुलिसिया भ्रष्टाचार का चलता फिरता प्रतीक था। भाजपा के अनेक व्यापारी, प्रतिनिधि इस अधिकारी के चलते शरणागत होने की स्थिति में आ गए थे।
भाजपा शासन में वापस आई तो सबसे पहले इसी अधिकारी को वनवास में बस्तर भेजा गया था। नक्सली समस्या का हल करने के लिए इसे जिम्मेदारी दी गई थी। इससे परे ये अधिकारी अपने अभिषेक के लिए जी जान लगा दिया है। भ्रष्टाचार से के।आए पैसे के सदुपयोग का सही समय आने में केवल डेढ़ साल लगे है।भाजपा के संगठन में एक बिल्डर जिनके बारे में ये भी हल्ला है कि उनके मन में इस अधिकारी के प्रति असीम स्नेह पनपा हुआ है।
एकात्मक परिसर में पिछले साल भी इसी महा भ्रष्ट अधिकारी के अभिषेक की चर्चा हुई थी।संगठन के अलावा सरकार के निर्वाचित जन प्रतिनिधि आगे आए तो मामला टल गया। सरकार ने ट्रांसफर से बेन हटा लिया है याने मंत्री चाहे तो किसी को इधर उधर कर सकते है। पुलिस विभाग गृह मंत्री के अधीन है लेकिन इस विभाग में मुख्यमंत्री कार्यालय का दखल रहता है।
पक्की खबर है कि कांग्रेस शासनकाल का महा दागी, भ्रष्ट, दलाल पुलिस अधिकारी का बालोद अभिषेक होने वाला है। अब तक छप्पन मुंगडा, मुंगडा गाना एकात्मकत परिसर में बज रहा है।राजतिलक की करो तैयारी आ रहे है अभिषेक बिहारी
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