पुनौरा धाम जानकी मंदिर में राहुल–तेजस्वी ने की पूजा, वोटर अधिकार यात्रा के बीच बिहार में विपक्ष का ‘टेंपल रन’

Voter Adhikar Yatra: बिहार में विपक्ष की और से ‘वोटर अधिकार यात्रा’ चली जा रही है. जिसकी अगुवाई राजद नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी कर रहे हैं. गुरुवार, 28 अगस्त को वोटर अधिकार यात्रा बिहार के सीतामढ़ी पहुंचा. यहां पहुंचने पर तेजस्वी और राहुल ने पुनौरा धाम जानकी मंदिर में माता सीता की पूजा-अर्चना की. यह अवसर उनकी चल रही ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के 12वें दिन का हिस्सा रहा. इस दौरान महागठबंधन के अन्य नेता भी उनके साथ मौजूद रहे.

माता जानकी के शरण में विपक्षी नेता
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने सुबह 8:30 बजे पुनौरा धाम स्थित जानकी मंदिर में माता सीता की आरती की और आशीर्वाद लिया. इस पवित्र स्थल पर दोनों नेताओं ने वैदिक मंत्रों के बीच पूजा-अर्चना की और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रार्थना की. पूजा के बाद राहुल गांधी ने मंदिर परिसर में स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना. तेजस्वी ने इस दौरान कहा कि धर्म पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. हमारा मकसद जनता के मुद्दों को सामने लाना है, और माता सीता की जन्मस्थली से हमें जनसेवा की प्रेरणा मिलती है.

वोटर अधिकार यात्रा का महत्व
‘वोटर अधिकार यात्रा’ बिहार के 20 से अधिक जिलों को कवर करते हुए 1,300 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर रही है. यह यात्रा मतदाताओं के अधिकारों, विशेष रूप से ‘वोट चोरी’ के खिलाफ जागरूकता फैलाने और सामाजिक-आर्थिक मुद्दों जैसे बेरोजगारी और सामाजिक न्याय पर ध्यान केंद्रित करने के लिए शुरू की गई है. सीतामढ़ी में राहुल गांधी ने कहा- ‘हमारी लड़ाई जनता के अधिकारों के लिए है. माता सीता की जन्मभूमि से हम प्रेरणा लेते हैं कि सत्य और न्याय की राह पर चलना है.’

मंदिर का महत्व
पुनौरा धाम, माता सीता की जन्मस्थली के रूप में जाना जाता है, और यह मंदिर रामायण सर्किट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. हाल ही में बिहार सरकार ने इस मंदिर के भव्य निर्माण के लिए 882.87 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसका शिलान्यास केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 8 अगस्त को किया था. मंदिर का विकास अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. मंदिर परिसर में जानकी कुंड, यज्ञ मंडप और वेद पाठशाला जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं.

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का मंदिर दर्शन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक राजनीतिक संदेश भी देता है. यह कदम महागठबंधन की एकता को दर्शाता है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मंदिर राजनीति को जवाब देने का प्रयास है. तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया- ‘हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन हमारा फोकस जनता के मुद्दों पर है.’ इस दौरान कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), और अन्य सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक नेताओं का स्वागत किया.

आगे की यात्रा
पूजा-अर्चना के बाद राहुल और तेजस्वी का काफिला रीगा, सुप्पी, और बैरगनिया की ओर रवाना हुआ, जहां उन्होंने पटेल चौक पर एक सभा को संबोधित किया. दोपहर में वे मोतिहारी पहुंचेगा. यात्रा का समापन ढाका में होगा, जहां राहुल गांधी रात्रि विश्राम करेंगे. इस यात्रा में प्रियंका गांधी भी शामिल थीं, लेकिन वे 27 अगस्त को दिल्ली लौट गईं.

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