बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमाया हुआ है. एक ओर जहां राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव अपनी पार्टी को एकजुट करने और चुनावी तैयारियों को मजबूत करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है. दरअसल जहानाबाद के प्रभावशाली RJD नेता डॉ. अजीत यादव ने तेजस्वी का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया है. चुनाव से ठीक पहले RJD के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है.
कल शुक्रवार को पटना स्थित BJP के प्रदेश कार्यालय में डॉ. अजीत यादव ने करीब 300 समर्थकों के साथ पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल मौजूद रहे. डॉ. यादव ने RJD पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, उन्होंने और उनके पिता सुरेश यादव ने वर्षों तक पार्टी के लिए मेहनत की, लेकिन उन्हें कभी उचित सम्मान नहीं मिला.
उन्होंने कहा, “मेरे पिता को उनकी निष्ठा का फल नहीं मिला, और मुझे भी RJD में कोई भविष्य नजर नहीं आया. BJP ने मुझे और मेरे समर्थकों को सम्मान दिया, इसलिए मैंने यह कदम उठाया.” डॉ. यादव ने बताया कि, यह कार्यक्रम पहले जहानाबाद में बड़े स्तर पर होने वाला था, लेकिन BJP के जिला उपाध्यक्ष सोहन प्रसाद उर्फ कक्कू जी के आकस्मिक निधन के कारण इसे पटना में आयोजित किया गया.
जहानाबाद में है मजबूत पकड़
डॉ. अजीत यादव न केवल RJD के वरिष्ठ नेता रहे हैं, बल्कि एक सफल उद्योगपति और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी उनकी पहचान है. जहानाबाद की स्थानीय राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ और युवाओं के बीच लोकप्रियता उन्हें एक प्रभावशाली चेहरा बनाती है. उनके BJP में शामिल होने से पार्टी को इस क्षेत्र में मजबूती मिलने की उम्मीद है.
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