Supreme Court Decision: GGU के 109 कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट से न्याय,16 साल बाद खुला नियमितीकरण का रास्ता

घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के 109 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को 16 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के (Supreme Court Decision) बाद सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन की क्यूरेटिव पिटीशन भी खारिज कर दी है। इसके साथ ही कर्मचारियों के नियमितीकरण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।अब यूनिवर्सिटी को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक सभी 109 कर्मचारियों को नियमित करना होगा और वर्षों से रुके हुए एरियर्स का भुगतान भी करना अनिवार्य होगा।

सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला,अब नहीं बच पाएगा GGU प्रबंधन
यह विवाद साल 2008 से शुरू हुआ था, जब कर्मचारियों का नियमितीकरण किया गया, लेकिन 2009 में केंद्रीय विश्वविद्यालय बनने के बाद बिना सूचना वेतन बंद कर दिया गया और 2010 में नियमितीकरण ही रद्द कर दिया गया। कर्मचारियों ने लड़ाई लड़ी और हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जहा यूनिवर्सिटी को हार का सामना करना पढ़ा चाहे हाईकोर्ट की सिंगल बेंच हो, डिवीजन बेंच या फिर सुप्रीम कोर्ट। इस संघर्ष के दौरान कई कर्मचारी दुनिया छोड़ गए, कई सेवानिवृत्त हो गए। अब उम्मीद है कि उनके परिजनों को भी पूरा हक मिलेगा।अवमानना मामले में कुलपति और सचिव को नोटिस जारी हो चुका है। अब देर नहीं—न्याय लागू करना होगा।

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