वोटर लिस्ट से नाम कटने पर भड़कीं राजा भैया की पत्नी, CM योगी और चुनाव आयोग को लिखा पत्र

UP SIR: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अजेय माने जाने वाले जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का पारिवारिक विवाद अभी भी थमा नहीं है. एक बार फिर विवाद खुलकर सामने आ गया है. हाल ही में देशभर में चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराया. जिसमें राजा भैया की दोनों बेटियां और उनकी पत्नी के नाम काट दिए गए. हालांकि नाम किन वजहों से कटे हैं. यह स्पष्ट नहीं हो पाया है लेकिन उनकी पत्नी भानवी कुमारी ने प्रशासनिक दबाव और पक्षपात का आरोप लगाते हुए प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. इसके साथ ही चुनाव आयोग और सीएम योगी को पत्र लिखकर शिकायत की है.

बता दें, राजा भैया और उनकी पत्नी का विवाद काफी समय से चल रहा है. पत्नी भानवी कुमारी के साथ ही राजा भैया की दोनों बेटियां भी रहती हैं, जबकि बेटे राजा भैया के साथ ही रहते हैं. चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में कराई गई एसआईआर में भानवी और दोनों बेटियों का नाम कट गया. भानवी कुमारी ने नाम कटने पर नाराजगी जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी पुरानी वोटर लिस्ट शेयर की है. जिसमें 2003 से लेकर 2025 तक की वोटर लिस्ट शामिल है. भानवी कुमारी द्वारा शेयर किए गए डॉक्यूमेंट के अनुसार, 2025 की मतदाता सूची में उनका नाम मतदान केंद्र संख्या 87, बेंती के वार्ड नंबर 15 में दर्ज था.

सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी

  • भानवी कुमारी ने लिखा, “साल 2025 की मतदाता सूची में भी मेरा नाम मौजूद था. इसके बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना, बिना आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिए, मेरा (भानवी कुमारी) और मेरी बेटियों राघवी और विजय राजेश्वरी) का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया. इस पूरी प्रक्रिया में न तो पारदर्शिता का पालन किया गया, न ही विधिसम्मत सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई.
  • मैं भदरी, बेंती परिवार की बहू हूं. रघुराज प्रताप सिंह मेरे पति हैं और पारिवारिक विवाद के बावजूद मेरा और मेरी बेटियों का परिवार और घर सामाजिक, कानूनी हर दृष्टि से, बेंती कुंडा प्रतापगढ़ ही है. मैं और मेरी बेटियां यहां की स्थायी निवासी और मतदाता रही हैं. इसके बावजूद हमारे लोकतांत्रिक अधिकार को छीनने का यह प्रयास न केवल पीड़ादायक है, बल्कि चिंताजनक भी है.”

महिलाओं का नाम काटा जाना न्यायसंगत?
भानवी कुमार ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए लिखा, “क्या एक ही परिवार में पुरुषों का नाम सुरक्षित रखते हुए महिलाओं का नाम काटा जाना न्यायसंगत है? यदि इसी प्रकार मतदाता सूची बनाई जाएगी, तो क्या हम एक निष्पक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था की उम्मीद कर सकते हैं?” भानवी कुमारी ने सीएम से अपील करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक के साथ ऐसा अन्याय न हो.

Check Also

पटना में पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर छात्र, पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल, दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन बंद

Rahul Gandhi Joins CJP Protest: देश में शिक्षा व्यवस्था और NEET पेपर लीक मामले को …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *