Breaking News

आश्रम से गायब हुआ चौथी का छात्र : अगले दिन तालाब में मिला शव, सूचना में देरी पर अधीक्षक निलंबित

कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड से एक मामला सामने आया है। मझारटोला स्थित आदिवासी बालक आश्रम में रह रहे कक्षा चौथी के छात्र प्रिंस सिंह उर्फ ‘भीम’ की मौत हो गई। छात्र का शव आश्रम परिसर के पास स्थित तालाब में मिला है। बताया जा रहा है कि, छात्र करीब दो दिन पहले ही आश्रम में दाखिल हुआ था।

एसडीएम सोनहत करेंगे पूरे मामले की जांच
छात्र के आश्रम से गायब होने के बाद परिजनों को सूचना देने में हुई देरी को लेकर अब कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में कलेक्टर ने आश्रम अधीक्षक अशोक एक्का को निलंबित कर दिया है, जबकि पूरे प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी एसडीएम सोनहत को सौंपी गई है। मृतक छात्र प्रिंस सिंह, पिता विजेन्द्र सिंह, ग्राम पंचायत टेंगनी के हरपियारा गांव का रहने वाला था। वह पटना थाना क्षेत्र का निवासी था और मझारटोला स्थित आदिवासी बालक आश्रम में रहकर कक्षा चौथी की पढ़ाई कर रहा था।

शाम तक परिजनों को नहीं दी गई सूचना
मिली जानकारी के मुताबिक, 8 सितंबर की सुबह करीब 7 बजे छात्र आश्रम में मौजूद नहीं मिला। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। आरोप है कि, छात्र के लापता होने की जानकारी परिजनों को शाम करीब 4 बजे दी गई। परिजन भी बच्चे की तलाश में जुट गए। इसी बीच बुधवार सुबह आश्रम के पास स्थित तालाब में छात्र का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शव को तालाब से बाहर निकालकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद आश्रम में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। आखिर छात्र आश्रम से बाहर कैसे निकला? वह तालाब तक कैसे पहुंचा? उसकी अनुपस्थिति की जानकारी मिलने के बाद तत्काल उच्चाधिकारियों और परिजनों को सूचना क्यों नहीं दी गई? इन तमाम सवालों के जवाब अब जांच में तलाशे जाएंगे।

कलेक्टर ने माना गंभीर लापरवाही
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रोक्तिमा यादव ने आश्रम अधीक्षक अशोक एक्का को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन के मुताबिक छात्र के आश्रम में नहीं होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं देना कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही मानी गई है। इसी आधार पर अधीक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है ।

आश्रम की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की भूमिका की होगी पड़ताल
पूरे मामले की जांच एसडीएम सोनहत करेंगे। जांच में छात्र के आश्रम से बाहर जाने की परिस्थितियों, आश्रम की निगरानी व्यवस्था, छात्र की उपस्थिति और संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जाएगी। मौके पर अपर कलेक्टर एसके वैद्य, एसडीएम, तहसीलदार, आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त, सोनहत थाना प्रभारी सहित पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची।

दो दिन पहले आश्रम भेजे बच्चे की मौत से परिवार सदमे में
वहीं पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही छात्र की मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। इधर, मासूम छात्र की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का कहना है कि, उन्होंने महज दो दिन पहले ही अपने बच्चे को आश्रम भेजा था और अब उसकी मौत की खबर से परिवार सदमे में है। प्रशासन ने जिले के सभी आश्रमों और छात्रावासों में बच्चों की नियमित उपस्थिति, सुरक्षा और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।

Check Also

Raigarh Crime: इवनिंग वॉक पर निकले प्रोफेसर का चाकू की नोक पर अपहरण! आंखों पर पट्टी बांधकर ₹1 लाख UPI से ट्रांसफर, 24 घंटे में एक आरोपी हिरासत में

रायगढ़। पुसौर थाना क्षेत्र में इवनिंग वॉक पर निकले एक कॉलेज प्रोफेसर के अपहरण का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *