Assam Chunav Voter Turnout: देश के दो राज्य असम, केरलम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हो चुकी है. तीनों राज्यों के उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला इस समय ईवीएम में कैद है, जिसका नतीजे 4 मई को सामने आएंगे. तीनों राज्यों की कुल 296 सीटों एक ही चरण में मतदान कराया गया.
चुनाव आयोग के अनुसार, असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 सीटों पर वोटिंग पूरी हो चुकी है. पिछले चुनावों के मुकाबले इस बार हुए चुनावों में मतदान ज्यादा हुआ है. यही वजह है कि तमाम राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज हो चली हैं. फिलहाल चुनाव आयोग की तरफ से फाइनल आंकड़ा अभी जारी नहीं हुआ. ऐसे में आंकड़े थोड़े-बहुत ऊपर नीचे हो सकते हैं.
असम में सबसे ज्यादा वोटिंग
असम विधानसभा चुनावों में अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है. 1950 में असम के बनने के बाद इस बार के चुनाव में 85.91 प्रतिशत वोटिंग हुई है. इससे पहले साल 2016 के विधानसभा चुनावों में 84.7% मतदान हुआ था. इसके बाद ही बीजेपी सत्ता में आई थी. सबसे ज्यादा 95.56% मतदान साउथ सलमारा मनकचर जिले में हुआ है. अगर सबसे कम मतदान की बात की जाए तो यह कार्बी आंगलोंग में हुआ है. असम की 126 विधानसभा सीटों पर 722 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनके भविष्य का फैसला ईवीएम में कैद हो चुका है. भारी मतदान को भाजपा अपना समर्थन मान रही है.
क्या कहता है असम का वोटिंग पैटर्न
असम विधानसभा चुनाव के लिए हुई वोटिंग पैटर्न को देखा जाए तो यहां एक बार फिर बीजेपी की वापसी हो सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि जब-जब राज्य में 80 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई है. यहां बीजेपी की ही सरकार बनी है. पिछले दो चुनावों के परिणामों में ऐसा ही हुआ है. जब-जब असम में वोटिंग प्रतिशत में 7 से 8 प्रतिशत का बदलाव देखने को मिलता है.
सूबे में सरकार भी बदल जाया करती है. 2001, 2016 और 2021 में इसी तरह का बदलाव असम में देखने को मिला था. भारी मतदान को भाजपा अपना समर्थन मान रही है. वहीं कई लोगों का यह भी कहना है कि गौरव गोगोई की मेहनत रंग लाई है. फिलहाल असम की जनता का फैसला ईवीएम में कैद हो चुका है, जो 4 मई को सबके सामने आएगा. इसी में पता चलेगा कि कांग्रेस की मेहनत काम आई या फिर बीजेपी को ही जनता पसंद कर रही है.
केरलम में कैसा रहा वोटिंग प्रतिशत
केरलम में भी पिछले चुनावों के मुकाबले इस बार ज्यादा वोटिंग हुई है. प्रदेश की 140 सीटों पर एक ही चरण में मतदान कराया गया है. कुल मिलाकर 883 उम्मीदवार चुनावी रण में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. राज्य दो जिले ऐसे हैं जहां पर 80 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई है. सबसे कम वोटिंग पथनमथिट्टा जिले में हुई है. वोटिंग प्रतिशत के बढ़ने के पीछे की कई अलग-अलग वजहें बताई जा रही हैं. हालांकि इसकी वजह से किसी खेमे में टेंशन तो कोई राहत की सांस लेता नजर आ रहा है. यहां लगातार दो बार से पिनाराई विजयन ही सीएम हैं, इस बार भी पार्टी ने उन्हें ही सीएम फेस बनाया है.
असम में आजादी के सबसे ज्यादा वोटिंग
पुडुचेरी में आजादी के बाद सबसे ज्यादा 89.87% मतदान हुआ है. हालांकि यहां हमेशा ही वोटिंग प्रतिशत अच्छा रहा है. लेकिन इस बार कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इससे पहले का रिकॉर्ड 85% (2006, 2011 और 2016 विधानसभा चुनाव) का था. साल 2021 में रंगासामी ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया और सरकार बनाई थी. यहां कुल मिलाकर 30 सीटें हैं, सरकार बनाने के लिए 16 सीटों की जरूरत होती है.
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