झज्जर। भाजपा नेता पाले राम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरा पत्र लिखकर जिले में पार्टी की अंदरूनी कलह को उजागर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को जानबूझकर कांग्रेस नेताओं की शरण में जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। पाले राम ने भाजपा के पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक पर संगठन को कमजोर करने तथा ठेकेदारी राजनीति को बढ़ावा देने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि भाजपा के लिए सालों तक निष्ठा से काम करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक-एक कर बाहर का रास्ता दिखाया गया, जिससे पूरे जिले में संगठन लगातार कमजोर होता चला गया।

चेयरपर्सन को हटाने की बड़ी साजिश
बीजेपी नेता पाले राम ने पत्र में आरोप लगाया कि बहादुरगढ़ नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी को उनके पद से हटाने की एक सोची-समझी साजिश रची जा रही है। इस खेल में कुछ स्थानीय भाजपा नेता और अफसरशाही पूरी तरह शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि चेयरपर्सन के हटते ही नगर परिषद पर पूरी तरह अधिकारियों का कब्जा हो जाएगा। इसके बाद करीब 100 से 150 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं और टेंडरों को मनमाने तरीके से नई कंपनियों के पक्ष में छोड़ दिया जाएगा। पाले राम ने साफ कहा कि शहर की सफाई और सिविल वर्क के कई महत्वपूर्ण टेंडर बिना किसी ठोस कारण के रोक दिए गए हैं, जिसके पीछे एक बड़ी सांठगांठ चल रही है।

दीपेंद्र हुड्डा की शरण में चेयरपर्सन
पाले राम ने आगे आरोप लगाया कि बहादुरगढ़ को लूटने की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ जो लोग खड़े हुए, उन्हें पहले पार्षदों के जरिए हटाया गया और अब सीधे चेयरपर्सन को निशाना बनाया जा रहा है। दुख की बात यह है कि भाजपा नेताओं ने अपनी ही चेयरपर्सन का साथ नहीं दिया, जिसके चलते उनके परिवार को मजबूरी में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा की शरण में जाना पड़ा। उन्होंने पत्र में सवाल उठाया कि भाजपा की आईबी, सीआईडी और आरएसएस की गुप्तचर शाखाएं इस पूरे घटनाक्रम पर चुप क्यों हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं को आज कांग्रेस नेताओं के सहारे समाज सेवा करने की स्थिति में पहुंचा दिया गया है।
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