अलीगढ़. सड़क पर नमाज पढ़ने की बात करना AIMIM जिलाध्यक्ष यामीन खान को भारी पड़ गया है. विश्व हिंदू परिषद के गौरव माहेश्वरी की तहरीर पर सिविल लाइन थाने में उन पर FIR दर्ज की गई है. यामीन ने कांवड़ यात्रा को लेकर टिप्पणी की थी. 21 मई को अलीगढ़ जिला कलेक्ट्रेट गेट पर यामीन खान अब्बासी ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए ईदगाह के सामने वाली सड़क पर नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी थी. उनका कहना था कि जब कांवड़ यात्रा के दौरान रूट डायवर्ट किए जाते हैं और सड़कें बंद होती हैं, तो ईद की नमाज के लिए भी सड़क उपयोग की अनुमति दी जानी चाहिए.
बता दें कि बीते दिनों सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इस विषय को लेकर बात कही थी. राजधानी लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नमाज को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि सड़कें चलने के लिए है, नमाज के लिए नहीं है. कोई भी आकर ट्रैफिक डिस्टर्ब करे, यह अधिकार किसी को नहीं है. उन्होंने मुसलमानों को सलाह दी है कि नमाज पढ़नी है, तो शिफ्ट में पढ़िए. सीएम योगी ने आगे कहा कि अगर घर में जगह नहीं है, तो संख्या को उसी हिसाब से मैनेज करें. बेवजह भीड़ नहीं बढ़ानी चाहिए. जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो. सीएम ने आगे कहा कि आपको नमाज पढ़नी है, तो आप अपनी ‘शिफ्ट’ के दौरान पढ़ सकते हैं. हम आपको प्यार से मना लेंगे. अगर आप नहीं मानेंगे, तो हमें कोई दूसरा तरीका अपनाना पड़ेगा.
सीएम योगी ने बरेली में हुए बवाल का जिक्र करते हुए कहा था कि बरेली में लोगों ने हाथ आजमाया था, ताकत भी देख ली. जो भी व्य़क्ति किसी भी प्रकार के अपराध में लिप्त होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है. किसी को भी सड़क जाम करने या अव्यवस्था फैलाने की छूट नहीं दी जाएगी. बता दें कि उत्तर प्रदेश में आई लव मोहम्मद को लेकर सितंबर 2025 में विवाद हुआ था. जिसके बाद मुस्लिम नेता मौलाना तौकीर रजा ने नमाज के बाद धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया था. इसके बाद पथराव की स्थिति बन गई थी और देशभर में भारी बवाल हुआ था.
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