दिल्ली सरकार ने राजधानी में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) की अध्यक्षता में दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग और AIRAWAT रिसर्च फाउंडेशन, Indian Institute of Technology Kanpur के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते का उद्देश्य वायु प्रदूषण की चुनौती से वैज्ञानिक और प्रभावी तरीके से निपटना है। यह MoU अगले 5 वर्षों तक प्रभावी रहेगा और इसके तहत राजधानी में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इस पहल के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), उन्नत डेटा एनालिटिक्स, हाइपरलोकल मॉनिटरिंग और वैज्ञानिक निर्णय सहायता प्रणालियों को वायु गुणवत्ता प्रबंधन में शामिल किया जाएगा।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साझेदारी वायु प्रदूषण के स्रोतों की अधिक सटीक पहचान, प्रदूषण हॉटस्पॉट्स की निगरानी, बेहतर पूर्वानुमान प्रणाली और समयबद्ध हस्तक्षेप सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देशभर में तकनीक आधारित सुशासन और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। उसी दिशा में दिल्ली सरकार भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन को आधुनिक और डेटा-आधारित बनाने की दिशा में काम कर रही है।
वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार की कोशिश
हाल ही में किए गए समझौते के तहत प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों की बेहतर पहचान, रियल-टाइम निगरानी और पूर्वानुमान आधारित रणनीतियों के जरिए राजधानी की वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार लाने की योजना बनाई गई है। इस पहल के तहत वायु प्रदूषण के हॉटस्पॉट्स की लगातार निगरानी की जाएगी और डेटा आधारित निर्णय लेकर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे प्रदूषण नियंत्रण को अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक बनाने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने कहा कि दिल्ली को वायु प्रदूषण जैसी दीर्घकालिक चुनौती से निपटने के लिए तकनीक-आधारित, पारदर्शी और परिणामोन्मुख समाधानों की आवश्यकता है। इस पहल के तहत वायु गुणवत्ता प्रबंधन को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जाएगा, जिससे प्रदूषण के स्रोतों की पहचान, निगरानी और नियंत्रण अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सके। सरकार का मानना है कि डेटा-आधारित और रियल-टाइम सिस्टम के जरिए निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज और सटीक होगी।
AI आधारित एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम बनेगा
इस परियोजना के अंतर्गत कम लागत वाले सेंसर, मोबाइल मॉनिटरिंग लैब और सैटेलाइट डेटा को जोड़कर एक रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा। इससे प्रदूषण के स्तर की लगातार निगरानी और स्थानीय स्रोतों का अधिक सटीक विश्लेषण संभव हो सकेगा। इसके साथ ही AI आधारित एक उन्नत डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) विकसित किया जाएगा, जो प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान, हाइपरलोकल विश्लेषण और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स में मदद करेगा। यह सिस्टम 48 से 72 घंटे पहले तक वायु गुणवत्ता का पूर्वानुमान देने में सक्षम होगा, जिससे प्रशासन को समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलेगी और प्रदूषण नियंत्रण रणनीतियों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
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