US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से शुरू जंग थमने का नाम नहीं ले रहा है. हाल के ही कुछ दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को सुना जाए, तो ऐसा लगता है कि दोनों देशों के बीच जल्द डील होने की संभावना है. लेकिन एक बार फिर अमेरिका ने ईरान पर हमला कर सीजफायर का उल्लंघन किया है. दोनों देशों के बीच बिचौलिए की भूमिका में पाकिस्तान खड़ा हुआ है. अब लोगों के मन में एक ही सवाल है कि क्या पाकिस्तान के इतिहास को देखते हुए उस पर भरोसा किया जा सकता है? अब तो ट्रंप के करीबी सांसद ने भी कह दिया कि पाकिस्तान पर भरोसा करना बहुत मुश्किल काम है. जानें क्या कहा?
अमेरिका के एक बड़े रिपब्लिकन नेता और ट्रंप के करीबी सांसद लिंडसे ग्राहम ने साफ कहा कि पाकिस्तान पर भरोसा करना मुश्किल काम है, उसे अपना रुख तुरंत स्पष्ट करना चाहिए. अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में पाकिस्तान की मध्यस्थता वाली भूमिका ‘समस्याजनक’ है. यानी सांसद लिंडसे के अनुसार, बिचौलिया की वजह से मामला सुलझने की जगह उलझ सकता है.
इजरायल से पाकिस्तान की दुश्मनी पुरानी
लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “पाकिस्तान का मध्यस्थ बनना बेहद ‘समस्याजनक’ है. मुझे काफी समय से साफ दिख रहा है कि इजरायल के प्रति उसकी दुश्मनी बहुत पुरानी है.” इतना ही नहीं ग्राहम ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिकी राष्ट्रपति की उस अपील का जवाब दे, जिसमें उन्होंने मध्यस्थ देशों से अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने को कहा था.
पाकिस्तान पर क्यों नहीं भरोसा
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के अब्राहम अकॉर्ड्स को लेकर दिए गए बयान, जिसमें उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कभी इसमें शामिल नहीं होगा क्योंकि उसे इजरायल पर भरोसा नहीं है. यह वीडियो भले एक साल पुराना हो, लेकिन मुझे डर है कि भावना आज भी वही है.” शायद यही वजह है कि ट्रंप के करीबी सांसद को बिचौलिए पाकिस्तान पर भरोसा नहीं है.
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