धमतरी में रेत खनन के दौरान मिले 10 से ज्यादा नरकंकाल, आक्रोशित ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप

CG News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले स्थित ग्राम खरेंगा में रेत खदान से नर कंकाल मिलने की घटना ने पूरे क्षेत्र में खलबली मचा दी है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वर्षों पुराने पारंपरिक श्मशान स्थल पर रेत माफिया अवैध उत्खनन कर रहे थे, जिसके चलते यह संवेदनशील स्थिति सामने आई है. घटना के बाद खनिज विभाग और जिला प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं.

रेत खनन के दौरान मिले 10 से ज्यादा नरकंकाल
गुरुवार को गांव में मनरेगा का कार्य चल रहा था. इसी दौरान ग्रामीणों को सूचना मिली कि शमशान घाट की ओर से रेत निकासी की जा रही है और खुदाई में नर कंकाल बाहर आ रहे हैं. सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे. वहां का दृश्य देखकर लोग सन्न रह गए. अलग-अलग जगहों पर मानव कंकाल बिखरे पड़े थे, जबकि दो से तीन ट्रैक्टर रेत से भरे खड़े मिले. ग्रामीणों को देखते ही ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए.

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन जारी है. सीमांकन को लेकर भी विवाद बना हुआ है. अब तक करीब 10 नर कंकाल मिलने की बात कही जा रही है, जिनमें कुछ अवशेष ताजा बताए जा रहे हैं. ग्रामीणों ने तत्काल अवैध उत्खनन बंद करने की मांग की है. उनका कहना है कि दूसरे स्थान की रॉयल्टी का उपयोग कर यहां अवैध तरीके से रेत निकाली जा रही है और बाहरी रेत माफिया इस पूरे खेल को संचालित कर रहे हैं.

ग्रामीणों में आक्रोश
ग्राम विकास समिति के सदस्य सुभाष साहू ने कहा कि यह पूरा मामला रेत माफियाओं की करतूत है. मनरेगा कार्य के दौरान सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जहां खुदाई में नर कंकाल निकलते दिखाई दिए. उन्होंने बताया कि कुछ अवशेष हाल ही के प्रतीत हो रहे थे, जिससे लोगों में भय का माहौल बन गया है.

वहीं सरपंच नीलम साहू ने बताया कि रेत खनन को लेकर ग्राम पंचायत और ग्राम विकास समिति की बैठक भी की गई थी. पहले ही मुनादी कराकर शमशान घाट क्षेत्र में रेत उत्खनन पर रोक लगाने की घोषणा की गई थी, लेकिन इसके बावजूद अवैध खनन लगातार जारी है. उन्होंने कहा कि सभी वाहन धमतरी क्षेत्र के बताए जा रहे हैं, जबकि मजदूर गांव के ही हैं. नर कंकाल निकलने की घटना बेहद गंभीर है और मामले की शिकायत कलेक्टर से कर तत्काल कार्रवाई की मांग की जाएगी.

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही सुशासन त्यौहार के तहत जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा धमतरी पहुंचे थे. उस दौरान मीडिया द्वारा जिले में लगातार मिल रही अवैध रेत उत्खनन की शिकायतों को लेकर सवाल पूछे गए थे. इस पर मंत्री ने कहा था कि सरकार अवैध उत्खनन को लेकर सख्त है, लगातार कार्रवाई की जा रही है और गाड़ियों की जब्ती भी हो रही है. हालांकि, खरेंगा की यह घटना प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर रही है.

Check Also

छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव: एक महीने में 4 वरिष्ठ अधिकारी रिटायर, कई पदों पर प्रभारी व्यवस्था की तैयारी

छत्तीसगढ़ वन विभाग में अगले एक महीने के भीतर बड़े प्रशासनिक बदलाव होने जा रहे …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *