वाराणसी और आसपास के जिलों में श्वसन संबंधी बीमारियों और कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। चंदौली निवासी 2 वर्ष 3 माह के मासूम बच्चे सुभांश राज का सैंपल सोमवार को जांच के लिए पापुलर अस्पताल के मालिक्यूलर बायोलाजी विभाग में कलेक्ट किया गया था।
जांच के दौरान कराए गए ‘काम्प्रिहेंसिव रेस्पिरेटरी पाथोजन पैनल टेस्ट’ की रिपोर्ट में बच्चे के भीतर एक साथ चार गंभीर श्वसन संक्रमणों की पुष्टि हुई है। इसमें ह्यूमन कोरोना वायरस के साथ-साथ स्टेफिलोकोकस न्यूमोनिया, हेमोफिलस इन्फ्लुएंजा और माइकोप्लाज्मा न्यूमोनिया पॉजिटिव पाए गए हैं। इस नए मामले के सामने आने के बाद वाराणसी जिले व परिक्षेत्र में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर अब चार हो गई है।
बच्चे की स्थिति और डॉक्टरों की राय
मासूम सुभांश की नाजुक उम्र को देखते हुए एक साथ चार प्रकार के वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन का मिलना स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों के लिए चिंता का विषय बन गया है। पॉपुलर अस्पताल के शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक ने बताया कि छोटे बच्चों में इम्यून सिस्टम पूरी तरह से विकसित नहीं होता है।
ऐसे में जब वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण एक साथ शरीर पर हमला करते हैं, तो बच्चे को तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ और शरीर में भारी कमजोरी जैसे गंभीर लक्षण होने लगते हैं। फिलहाल बच्चे को अस्पताल में भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
नोडल अधिकारी की अपील और स्वास्थ्य सलाह
मामले को गंभीरता से लेते हुए नोडल अधिकारी डॉ. शिशिर ने बताया कि इस समय शहर में श्वसन संबंधी बीमारियों के मामलों में इजाफा दर्ज किया जा रहा है, जिसको लेकर सभी को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों में सांस फूलने, तेज बुखार या लगातार खांसी जैसे लक्षण दिखाई देते ही बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में संपर्क करें, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी बच्चे की स्थिति बिगाड़ सकती है।
इसके साथ ही डॉ. आलोक ने स्वजनों से अपील की कि बदलते मौसम में बच्चों की अतिरिक्त देखभाल करें, उन्हें भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ले जाने से बचाएं और किसी भी प्रकार का संक्रमण महसूस होने पर अनिवार्य रूप से मास्क का प्रयोग करें।
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