आज भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 75 वाँ जन्मदिवस है। 17सितम्बर का महत्व पण्डित जवाहर लाल नेहरू (21मई),इंदिरा गांधी (19नवंबर), और मनमोहन सिंह (26सितंबर) को जन्मे प्रधान मंत्रियों की तुलना में पंडित जी को छोड़ दूसरे क्रम पर है। भारत में केवल चार प्रधान मंत्रियों का कार्यकाल दस या इससे अधिक वर्ष का रहा है। देश के तीन प्रधान मंत्री एक मुश्त लगातार दस साल प्रधान मंत्री रहे है। प जवाहर लाल नेहरू, डॉ मनमोहन सिंह और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिस्से में ये उपलब्धि है।
हिंदुस्तान की आजादी के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरू 17 साल और इंदिरा गांधी 16साल प्रधान मंत्री रही है। इंदिरा गांधी का ये कार्यकाल दो काल खंड 1966 से 1977 और 1980 से 1984 का रहा। इस आधार पर नरेंद्र मोदी का क्रम अब दूसरे स्थान पर है। देश के आजादी के बाद हर प्रधान मंत्रियों के कार्यकाल की विशेषता रही है। हिंदुस्तान में कांग्रेस, जनता पार्टी, जन मोर्चा और भारतीय जनता पार्टी से प्रधान मंत्री बने है। भाजपा से अटल बिहारी बाजपेई और नरेंद्र मोदी ही प्रधान मंत्री बने है।
भारतीय जनता पार्टी को समग्र रूप से हिन्दू धर्म समर्थित पार्टी का खिताब मिला हुआ है। अटल बिहारी बाजपेई तो धर्म निरपेक्षता की तरफ झुके तो खामियाजा भी भुगते लेकिन नरेंद्र मोदी ने अपने कार्य प्रणाली से खुले आम हिन्दू होने के भाव को न केवल अंगीकृत किया बल्कि अपनी कार्य शैली से जाहिर भी किया। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने सार्वजनिक रूप से जालीदार टोपी पहनने से क्या इंकार किया उनकी रेटिंग तेजी से बढ़ी। 2014 के लोक सभा चुनाव में भाजपा के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने तमाम विरोध के बाद नरेंद्र मोदी को प्रधान मंत्री पद का चेहरा बनाया। पहले दो लोकसभा चुनाव में भाजपा पूर्ण बहुमत के सात सत्ता में आई।
1984 के बाद ऐसा हुआ था। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जहां भाजपा को फायदा मिला वहीं कांग्रेस को भारी नुकसान भी हुआ। देश की सबसे पार्टी को 2014और 2019 में सीट में सिमटना पड़ गया।तीसरे लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की नाराजगी भाजपा को भारी पड़ी और स्पष्ट बहुमत से 23सीट दूर रह गई। एनडीए के पास इतनी संख्या थी कि तीसरी बार सरकार बन तो गई लेकिन बैसाखी पर सवार सरकार है।
गठबंधन सरकार की अपनी मजबूरी होती है,ये महसूस हो रहा है। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव सहित अनेक राज्यो में भाजपा का प्रदर्शन शानदार रहा।
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार दूसरी बार बहुमत के साथ वापसी की। राजस्थान, छत्तीसगढ़ कांग्रेस से और महाराष्ट्र को महायुति से छीनने में सफल रहे। ये सफलता नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सफलता मानी जाएगी। अपने पहले दो कार्य काल में हिंदुस्तान को दुनियां में एक ब्रैंड नेम देने का कार्य किया। आजादी के बाद जिन क्षेत्रों की तरफ किसी प्रधान मंत्री का ध्यान नहीं गया नरेंद्र मोदी ने ध्यान दिया। 2014 के पहले घर का कचरा, घर के बाहर या नाली में फेंकने की परंपरा थी। घर भले साफ रहे लेकिन गंदगी खुले आम दिखती थी।
राष्ट्र व्यापी स्वक्छ्ता अभियान ने गांव नगर शहर की बाहरी सफाई का कीर्तिमान रचा।इस अभियान से संक्रामक बीमारियों से निजात मिली और देश वासियों को स्वच्छता में रहने की आदत बनी। आम गरीबों के घर में शौच व्यवस्था न होने के कारण अधिकांश महिलाओं खासकर किशोरियों को बड़े आक्वर्ड स्थिति का सामना करना पड़ता था। इससे निजात मिली और हर गांव का बाहरी क्षेत्र गंदगी से मुक्त हुए। तीसरा वृहत कार्य हर गरीब के घर में घरेलू गैस सिलेंडर की व्यवस्था (ये संख्या दस करोड़ घर की हैं) धुवे से मुक्ति की दिशा में सफल प्रयास रहा।
देश के यात्रियों को रेलगाड़ी पर निर्भरता के स्थान पर सड़क मार्ग से यात्रा की दिशा में शानदार सड़के और ओवर और अंडर ब्रिज के निर्माण ने देश की दशा बदल दी। नरेंद्र मोदी ने देश के 140 करोड़ उपभोक्ता शक्ति को विदेशों में बेहतर ढंग से भुनाया। विश्व के पांच बड़े देशों ने भारत के साथ संबंध बेहतर बनाए। अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति के कार्यकाल को छोड़ दे तो सारी दुनियां हिंदुस्तान के सामने नत मस्तक रहे।ये देश का अभिमान ही है कि दो बड़े देश अमेरिका और रूस के सत्ता प्रमुखका हिंदुस्तान ने हाथ पकड़ कर तो कंधे पर हाथ रखने का साहस दिखाया।
2014 से पहले हिंदुस्तान के नागरिकों का विदेशों में सम्मान कम ही था लेकिन राष्ट्र अभिमान को नरेंद्र मोदी ने विदेशों में स्थापित किया है। सबसे बड़ी उपलब्धि कश्मीर समस्या का हल रहा। भले ही आतंकवादियों ने कुछ अवसरों में देश को हतप्रभ किया लेकिन सुनियोजित रूप से पत्थर फेंकने वाले और देश के टुकड़े दुकड़े करने वाले भूमिगत हो चुके है। पड़ोसी पाकिस्तान के घर घुस कर दो बार हमला देश के स्वाभिमान का प्रतीक है। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी का 75 वाँ जन्मदिन विशेष है।उनको शुभ कामनाएं
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