सारंगढ़-बिलाईगढ़। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सलौनीकला में बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां सरकारी योजना की साइकिलों से लदे ट्रैक्टर को बच्चों से ही चलवाकर विद्यालय भेजा गया। इसका वीडियो सामने आने के बाद पालकों में भारी आक्रोश है। प्रभारी प्राचार्य कुमार चौहान की गंभीर लापरवाही ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल शासन की योजना के तहत सलौनीकला की छात्राओं को साइकिल वितरण किया जाना था। इसके लिए बुधवार को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम प्रेमभुवन प्रताप सिंह शासकीय विद्यालय में संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों और प्रतिनिधियों को साइकिल दी गई, लेकिन सलौनीकला विद्यालय प्रबंधन ने इसे स्कूल लाने के लिए जो तरीका अपनाया वह हैरान करने वाला था। साइकिलों से लदे ट्रैक्टर को बच्चों से ही चलवाकर विद्यालय भेजा गया। ट्रैक्टर चलाते बच्चों का वीडियो भी सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
विवादों के घेरे में प्रभारी प्राचार्य का बयान
अब सवाल उठ रहे कि भारी वाहन चलाने की अनुमति बच्चों को किसने दी। अगर कोई हादसा हो जाता तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता। बिना सुरक्षा, बिना निगरानी बच्चों से ट्रैक्टर चलवाना निश्चित रूप से स्कूल प्रबंधन की बड़ी चूक है। इस मामले पर प्रभारी प्राचार्य कुमार चौहान का कहना है कि यह सिर्फ थोड़ी सी गलती थी। उनका यह बयान भी विवादों के घेरे में है, क्या बच्चों की सुरक्षा को थोड़ी सी गलती कहकर टाला जा सकता है, क्या यह प्राचार्य का दायित्व नहीं था कि साइकिलों को सुरक्षित तरीके से विद्यालय तक पहुंचाया जाता।
जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी : डीईओ
घटना की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी जेआर डहरिया को दे दी गई है। उन्होंने कहा है कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस गंभीर लापरवाही को लेकर कितना कठोर कदम उठाते हैं। क्या जिम्मेदारी तय होगी या इसे भी औपचारिक कार्रवाई में बदल दिया जाएगा।
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