रमन बोले- वंदे मातरम केवल गीत नहीं, स्वतंत्रता आंदोलन की ऊर्जा है, महंत ने कहा- इतिहास को ना बिगाड़ें, विधानसभा में अंतिम दिन वंदे मातरम पर चर्चा में सत्ता पक्ष और विपक्ष ने भाग लिया

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन बुधवार को वंदे मातरम् पर चर्चा हुई। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने इस पर अपने विचार रखे। इस दौरान देश की आजादी में वंदेमातरम की भूमिका को लेकर सत्तापक्ष और प्रतिपक्ष एक स्वर में बोलते नजर आए, लेकिन वंदे मातरम के पदों को काटने को लेकर आरोप प्रत्यारोप भी देखने मिला। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा, वंदे मातरम केवल गीत नहीं, स्वतंत्रता आंदोलन की ऊर्जा है। वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा, कुछ लोग बोलते हैं इस गीत के नेहरूजी ने टुकड़े किए। वन्देमातरम देश के विभाजन का कारण बना, इतिहास न बिगाड़ें।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, वंदे मातरम के जब 50 वर्ष पूरे हुए तब भारत अंग्रेजों की गुलामी में था। वंदे मातरम के 100 साल पूरे हुए तो देश पर आपातकाल थोपा गया। अब 150 वर्ष वंदे मातरम को पूर्ण हो रहे हैं, तो केंद्र में मोदी सरकार है, वंदे मातरम पर चर्चा इसलिए जरूरी है, क्योंकि आज हम नए युग की तरफ बढ़ रहे हैं। रमन सिंह ने कहा, आज का दिन हमारे विधानसभा के लिए अवसर है कि हम सब एकत्रित होकर नव भारत के निर्माण में अपना योगदान सुरक्षित करें। डॉ. रमन सिंह ने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि आज की चर्चा काफी महत्वपूर्ण है, इस पर अपने विचार खुल कर रखें।

शहीद इस गीत के साथ फांसी के फंदे पर झूल जाते थे- साय

सत्तापक्ष की ओर से सबसे पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा, वन्देमातरम गौरवगाथा का वर्णन करना देशवासियों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, पीएम मोदी का आभार व्यक्त करते हैं कि संसद में इस विषय पर चर्चा कराए हैं। शहीद इस गीत के साथ फांसी के फंदे को भी स्वीकार कर लेते थे। कांग्रेस को तुष्टिकरण की राजनीति करना था, क्योंकि कुछ मुस्लिम लीग के लोगों को इस बात से दिक्कत थी। जो समाज इतिहास से समझ नहीं लेता उसका भविष्य बर्बाद हो जाता है। वंदेमातरम हमें राष्ट्रीय चेतना से जोड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा भारत में भूमि को मां के रूप में मानते हैं।

आने वाली पीढ़ी को गलत रास्ता बता देंगे तो यह उचित नहीं : महंत

वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा, कुछ लोग बोलते हैं इस गीत के नेहरूजी ने टुकड़े किए। वन्देमातरम देश के विभाजन का कारण बना, इतिहास न बिगाड़ें। बच्चों को गलत इतिहास बता देंगे, तो यह उचित नहीं होगा। डॉ. महंत ने कहा, मैं बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को प्रणाम करता हूं। उनके कारण यह गीत हमको मिला। गीत का उपयोग कर कुछ लोग भारत को बांटने में लगे हैं। नेहरूजी ने इस गीत के साथ पूरी ईमानदारी से इस देश को एक नया बल शक्ति मिले, इसलिए इसकी दो पंक्तियों को स्वीकार किया। चर्चा में मैं यह कहना चाहूंगा कि हम इतिहास को ना बिगाड़ें। आने वाली पीढ़ी को अगर हम गलत रास्ता बता देंगे तो यह उचित नहीं होगा।

मोदी ने देश को जोड़ने और आगे बढ़ाने का काम किया- साव

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, साहस का परिचय देकर वंदेमातरम की रचना हुई। जब तक भारत मां रहेगी वंदेमातरम का उद्घोष होगा। वंदेमातरम पर भी कुछ लोगों ने कुत्सित राजनीति की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को जोड़ने और आगे बढ़ाने का काम किया। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा, अगर वंदे मातरम की लाइन को नहीं हटाया गया रहता, तो भारत का विभाजन भी नहीं होता।

राष्ट्र चेतना को मिलेगी नई ऊर्जा- कश्यप

संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा, देश की संसद के बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी वंदेमातरम पर चर्चा हुई। वंदे मातरम राष्ट्रीय चेतना का महामंत्र है। ऐसे में यही उम्मीद की जा सकती है, मां भारती की वंदना के गीत वंदेमातरम को सभी पक्ष धरातल पर सार्थक करते नजर आएं। तभी यह गीत सार्थक होगा और राष्ट्र चेतना को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

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