Worker’s death: छत्तीसगढ़ के मजदुर की केरल में हत्या, परिजनो में रोष…

बिलासपुर। केरल में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए छत्तीसगढ़ के श्रमिक (Worker’s death) रामनारायण बघेल के परिजनों को न्याय और सहायता दिलाने की मांग तेज हो गई है। इस अमानवीय घटना के विरोध में आज बिलासपुर मुस्लिम समाज ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और पीड़ित परिवार के लिए ठोस मदद की अपील की। सक्ती जिले के करही ग्राम निवासी रामनारायण बघेल रोज़गार की तलाश में केरल गए थे, लेकिन वहां उन्हें महज संदेह के आधार पर बांग्लादेशी बताकर भीड़ ने बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि इंसानियत को भी शर्मसार करती है।

छत्तीसगढ़ के मजदुर की केरल में हत्या, परिजनो में रोष…
मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि मोहम्मद नूरुल हुदा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि रामनारायण कोई अपराधी नहीं थे, बल्कि अपने परिवार का भविष्य संवारने गए एक गरीब मजदूर थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर 80 से अधिक गंभीर चोटों के निशान मिले हैं, जो भीड़ की क्रूरता को साफ दर्शाते हैं।आज मृतक का परिवार बेहद दयनीय स्थिति में है। वृद्ध मां, विधवा पत्नी और दो मासूम बच्चे—जो कक्षा 6वीं और 4वीं में पढ़ते हैं, पूरी तरह बेसहारा हो चुके हैं। परिवार के पास आय का कोई साधन नहीं बचा है।मुस्लिम समाज ने शासन से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं।

रोटी कमाने गया था,लाश बनकर लौटा , इंसानियत शर्मसार,मजदूर की हत्या से देश आहत, (Worker’s death)
पहली, पीड़ित परिवार को तत्काल एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। दूसरी, दोनों बच्चों की स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठाए। और तीसरी, मृतक की विधवा पत्नी को योग्यता के अनुसार शासकीय नौकरी दी जाए। समाज ने उम्मीद जताई है कि शासन इस दर्दनाक घटना को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को जल्द न्याय और राहत प्रदान करेगा। अब देखना होगा की प्रशासन इस पर क्या कार्यवाही करती है।

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