Morena: सबलगढ़ चंबल नदी के बनवारा और बटेश्वरा घाट को बंद कराने के प्रशासनिक दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आई. मौके पर पहुंचने पर बनवारा घाट पूरी तरह संचालित मिला, जहां से रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली एक-एक कर निकलते दिखाई दिए. बताया जा रहा है कि प्रशासन ने घाट बंद होने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है.
घाट पर अवैध रेत खनन
घाट पर अवैध रेत खनन और परिवहन खुलेआम जारी रहने से रेत माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि घाट वास्तव में बंद है, तो फिर रेत से लदे वाहन किसके संरक्षण में निकल रहे हैं? इससे प्रशासन की कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. चंबल क्षेत्र में अवैध रेत खनन को लेकर समय-समय पर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं.
विभागों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न
ऐसे में यदि बनवारा घाट पर गतिविधियां जारी हैं, तो यह संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चंबल नदी में अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने के लिए पुलिस और वन विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है. इसके बावजूद मुरैना जिले के सबलगढ़ क्षेत्र स्थित बटेश्वर घाट पर अवैध रेत उत्खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है. बटेश्वर घाट पर कथित रूप से जारी अवैध गतिविधियों ने कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रेत माफिया रात करीब 12 बजे से सुबह 6 बजे तक चंबल नदी में अवैध रूप से रेत निकालने में जुटे रहते हैं. बताया जा रहा है कि दिन में कार्रवाई के डर से रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मशीनों और वाहनों के जरिए रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है.
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter