CG News: बिलासपुर पुलिस ने 10 दिनों में सशक्त ऐप से खोजी 2 दर्जन से ज्यादा गाड़‍ियां, आमजन भी कर सकते हैं संदिग्ध व चोरी की गाड़ियों की जांच

CG News: बिलासपुर पुलिस ने 10 दिन में दो दर्जन से ज्यादा गाड़ियां खोज निकालीं है. कभी वाहन चोरी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में गिनी जाती थी. चोरी की गाड़ियों का रिकॉर्ड खंगालना, दूसरे जिलों से मिलान करना और चोरों तक पहुंचना लंबी प्रक्रिया हुआ करती थी, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग द्वारा शुरू किया गया ‘सशक्त ऐप’ वाहन चोरों पर शिकंजा कसने का बड़ा डिजिटल हथियार बनकर उभरा है.

पिछले 10 दिनों के भीतर केवल बिलासपुर पुलिस ने इस ऐप की मदद से दो दर्जन से अधिक चोरी की गाड़ियां बरामद की हैं. शनिवार को ही आधा दर्जन से ज्यादा वाहन जब्त करने में सफलता मिली है. केवल बिलासपुर पुलिस ने ही पिछले 10 दिन में इस ऐप के माध्यम से करीब 29 चोरी के वाहनों को खोज निकाला है. वहीं पूरे रेंज की बात करें तो यह आंकड़ा 50 के करीब पहुंच चुका है.

आमजन भी बन रहे पुलिस के साझेदार
‘सशक्त ऐप’ को आम नागरिक भी प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं. वाहन नंबर डालते ही यह ऐप बताएगा कि वाहन चोरी का है, संदिग्ध है या लावारिस के रूप में दर्ज है. पब्लिक मॉड्यूल के जरिए कोई भी व्यक्ति संदिग्ध वाहन की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचा सकता है. पुलिस चेकिंग के दौरान भी यह ऐप बेहद कारगर साबित हो रहा है. ‘सशक्त ऐप’ के जरिए मौके पर ही वाहन का सत्यापन हो जाता है, जिससे कार्रवाई तेज और सटीक हो गई है.

रेंज में असर, लेकिन कुछ जिले सुस्त
बिलासपुर के अलावा रायगढ़ में 9, मुंगेली में 7 और सारंगढ़ में 4 चोरी की गाड़ियां इस ऐप के जरिए बरामद की गई हैं. मुंगेली पुलिस ने एक ट्रैक्टर समेत आधा दर्जन से अधिक वाहन जब्त कर इसकी उपयोगिता साबित की है. हालांकि, रेंज के कुछ जिलों में अभी इस ऐप को लेकर अपेक्षित सक्रियता नहीं दिख रही है. इसे लेकर आईजी ने संबंधित जिलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वाहन चोरी के मामलों में ‘सशक्त ऐप’ का अनिवार्य रूप से उपयोग करें.

डिजिटल डाटाबेस से आसान हुई पहचान
इस ऐप में चोरी और लावारिस वाहनों का विस्तृत डिजिटल डाटाबेस तैयार किया गया है. पहले जहां चोरी की गाड़ी का पता लगाने में हफ्तों लग जाते थे, अब मौके पर ही जानकारी उपलब्ध हो जाती है. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ‘सशक्त ऐप’ वाहन चोरी के मामलों में गेमचेंजर साबित हो रहा है. इससे न केवल चोरी की वारदातों पर अंकुश लगेगा, बल्कि आम नागरिक भी पुलिस के सहयोगी बन सकेंगे.

ऐसे काम करता है ‘सशक्त ऐप’
आम नागरिक के लिए: प्ले स्टोर से सशक्त सीजी पुलिस ऐप डाउनलोड कर वाहन नंबर दर्ज करते ही चोरी/संदिग्ध/लावारिस की स्थिति पता चल जाती है. पब्लिक मॉड्यूल से सूचना सीधे पुलिस तक पहुंचती है.

पुलिस के लिए: चेकिंग के दौरान मौके पर ही वाहन का सत्यापन. कागजी मिलान की भी जरूरत नहीं. इसके अलावा लाइव डाटाबेस में हर चोरी और लावारिस वाहन की एंट्री होती है और जिला बदलने पर भी रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है.

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