कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने ली महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक

सारंगढ़-बिलाईगढ़: कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिले के सभी परियोजना अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर ने जिले में कुपोषण की स्थिति, गंभीर कुपोषित एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की संख्या, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए होम विजिट, बच्चों के वजन मापन, स्वास्थ्य परीक्षण तथा पोषण संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कुपोषित बच्चों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए उन्हें शीघ्र सामान्य श्रेणी में लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।

कलेक्टर ने जिले में संचालित महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की भी बारीकी से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को मिलने वाले लाभ, लंबित प्रकरणों तथा योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र महिलाओं को समय पर लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में महतारी वंदन योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने ई-केवाईसी की वर्तमान स्थिति, लंबित मामलों तथा हितग्राहियों को आ रही समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन हितग्राहियों की राशि किसी कारणवश लंबित है, उनके प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में महतारी वंदन योजना के 1223 हितग्राहियों की राशि विभिन्न कारणों से लंबित है। इस पर कलेक्टर ने सभी परियोजना अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी पात्र हितग्राही को योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड दौरा बढ़ाने तथा योजनाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने गंभीर कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए उपलब्ध बेड की जानकारी लेते हुए नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल एनआरसी में भर्ती कराया जाए, ताकि उन्हें बेहतर उपचार एवं पोषण मिल सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एनआरसी की उपलब्ध सुविधाओं का पूर्ण उपयोग होना चाहिए और कोई भी गंभीर कुपोषित बच्चा उपचार से वंचित नहीं रहना चाहिए।

इसके अलावा कलेक्टर ने सखी वन स्टॉप सेंटर की गतिविधियों की भी समीक्षा की। उन्होंने सेंटर में प्राप्त प्रकरणों, उनके निराकरण की स्थिति तथा पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही सेंटर में महिलाओं के लिए भोजन, आवास, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी जानकारी प्राप्त कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप बेहतर कार्य करने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा, डिप्टी कलेक्टर ऋचा सिंह सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला एवं परियोजना स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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