भारत की वीरता और गौरव की पहचान, इंडिया गेट पर आज रात 8:30 से 9:30 बजे तक बिजली बंद रहेगी। यह आयोजन वैश्विक पर्यावरण अभियान ‘अर्थ ऑवर’ (Earth Hour) के तहत किया जा रहा है। इस साल ‘अर्थ ऑवर’ की 20वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है और दिल्लीवासियों को इंडिया गेट पर यह अनोखा नजारा देखने को मिलेगा। अभियान का उद्देश्य ऊर्जा की बचत और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह कार्यक्रम वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर इंडिया के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
पिछले साल भी दिल्ली में इंडिया गेट, कुतुबमीनार, राष्ट्रपति भवन और अन्य राष्ट्रीय स्मारकों में बिजली एक घंटे के लिए बंद की गई थी। सरकारी इमारतों के अलावा आम लोगों ने भी अपने घरों में गैर जरूरी लाइटें बंद कर इस अभियान में योगदान दिया था। बीते साल दिल्ली ने इस दौरान लगभग 269 मेगावाट बिजली की बचत की थी। इस बार यह देखना दिलचस्प होगा कि दिल्लीवासियों कितनी बिजली बचा पाते हैं। अभियान के तहत, केवल दिल्ली ही नहीं बल्कि देशभर के बड़े शहर भी हिस्सा लेंगे।
यह पहल लोगों को ऊर्जा संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से की जा रही है। अभियान का आयोजन वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर इंडिया के सहयोग से किया जा रहा है और ‘अर्थ ऑवर’ की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह विशेष आयोजन किया गया है।
‘अर्थ ऑवर’ (Earth Hour) एक वैश्विक अभियान है, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है। इस दौरान स्वेच्छा से एक घंटे के लिए गैर-जरूरी लाइटें और विद्युत उपकरण बंद रखे जाते हैं। हर साल भारत समेत दुनिया के कई देश इस पहल में भाग लेते हैं और एक घंटे के लिए बिजली बचाने के लिए लाइट बंद करते हैं। अभियान का मकसद केवल ऊर्जा की बचत नहीं, बल्कि पृथ्वी और उसके बहुमूल्य जल संसाधनों के संरक्षण पर ध्यान आकर्षित करना भी है।
साल 2007 में हुई थी शुरुआत
आमतौर पर हर साल मार्च के अंतिम शनिवार को आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। इस वैश्विक अभियान की शुरुआत साल 2007 में हुई थी। साल 2026 ‘अर्थ ऑवर’ के लिए बेहद खास है, क्योंकि यह इस आंदोलन की 20वीं वर्षगांठ है। करीब 190 देश हर साल इस पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और एक घंटे के लिए गैर-जरूरी लाइटें बंद करके ऊर्जा की बचत करते हैं।
जलवायु पर पड़ रहे नकारात्मक
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभावों के कारण मौसम में अचानक बदलाव, अप्रत्याशित तापमान और प्राकृतिक आपदाओं की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ और अभियान आयोजक आम लोगों से अपील करते हैं कि बिजली और ऊर्जा का उपयोग केवल जब जरूरत हो, तभी करें। बिजली की अनावश्यक खपत को कम करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए इस तरह के प्रयास जैसे ‘अर्थ ऑवर’ अभियान महत्वपूर्ण हैं।
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