रायपुर। संचालनालय कोष एवं लेखा द्वारा राज्य में वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए कई नई डिजिटल सेवाओं का शुभारंभ किया गया है। इन पहलों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, विभागों एवं अन्य हितधारकों को सरल, सुलभ एवं आधुनिक सेवाएं प्रदान करना है।
इसी क्रम में ई-चालान के अंतर्गत ओटीसी प्रणाली को 1 अप्रैल से सभी प्रकार की शासकीय प्राप्तियों को जमा करने के लिए प्रारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से अब नागरिक एवं संस्थाएं ऑनलाइन माध्यम से चालान तैयार कर राजस्व का भुगतान आसानी से कर सकेंगे। इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक सरल एवं समयबद्ध होगी तथा लेखांकन मे आसानी होगी। कोषालयों में ऑनलाइन बीटीआर सुविधा भी प्रारंभ की गई है। राज्य में एक केंद्रीय कोषालय का शुभारंभ भी किया गया है।

भुगतान प्रक्रियाओं आएगी दक्षता-संचालक
संचालक कोष, लेख एवं पेंशन की संचालक पद्मिनी भोई साहू इंद्रावती भवन, कोष लेखा विभाग में राज्य के केंद्रीय कोषालय का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि व्यवस्था के तहत भारत सरकार से प्राप्त होने वाले राशी के लिए उपयोग की जाने वाली एसएनए स्पर्श प्रणाली से संबंधित भुगतानों का संचालन अब अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं केंद्रीकृत तरीके से किया जाएगा, जिससे भुगतान प्रक्रियाओं में दक्षता आएगी।
नई वेबसाइट लांच
इसके अतिरिक्त, संचालनालय कोष एवं लेखा की नई वेबसाइट भी लॉन्च की गई है, जिसमें उपयोगकर्ता को कार्यालय से सबन्धित अद्यतन जानकारी, विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं एवं आवश्यक सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जाएंगी। संचालनालय का यह अभिनव प्रयास राज्य में वित्तीय प्रशासन को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने तथा डिजिटल गवर्नेंस को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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