बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड के ग्राम गढ़वट से प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर (Housing scheme fraud) एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां योजना के तहत मिलने वाली मजदूरी राशि में गड़बड़ी और हेराफेरी के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के रोजगार सहायक ने करीब 153 हितग्राहियों की मजदूरी राशि में फर्जीवाड़ा किया है।आरोप है कि जिन लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मजदूरी मिलनी थी, उनकी राशि सीधे उनके खातों में नहीं भेजी गई। बल्कि बिना उनकी जानकारी और सहमति के यह पैसा कुछ चहेते मनरेगा मजदूरों के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।
आवास योजना की रकम पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने खोला गड़बड़ी का मामला…. (Housing scheme fraud)
ग्रामीणों के अनुसार यह गड़बड़ी पिछले तीन वर्षों से लगातार की जा रही थी।पीड़ित हितग्राहियों ने इस मामले की शिकायत जिला कलेक्टर से करते हुए बताया कि रोजगार सहायक राकेश सिदार इस पूरे फर्जीवाड़े में शामिल है। शुरुआती जांच में करीब 60 हितग्राहियों के नाम सामने आए हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच कराई जाए तो प्रभावित लोगों की संख्या और भी बढ़ सकती है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी मजदूरी के बारे में सवाल किया तो रोजगार सहायक ने जवाब देने के बजाय अभद्र व्यवहार किया। इस पूरे मामले में करीब 8 से 10 लाख रुपये की गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।हालांकि इस मामले में जिला पंचायत सीईओ संदीप कुमार अग्रवाल का कहना है कि शिकायत के बाद जांच कराई गई थी और जिन लोगों ने शिकायत की थी, उन्होंने लिखित में बताया है कि उन्हें राशि मिल चुकी है। अब इस मामले को लेकर गांव में चर्चा और सवाल लगातार उठ रहे हैं।
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