FCRA Bill 2026: संसद का मॉनसून सत्र इस बार काफी हंगामेदार रहा है. सत्र के आखिरी दिन चल रहे हैं. इन सब के बीच FCRA संशोधन विधेयक को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एक तरफ विपक्ष इस बिल के मौजूदा स्वरूप पर सवाल उठा रहा है.वहीं सरकार इसे लेकर व्यापक समर्थन जुटाने की कोशिश में दिखाई दे रही है. कुल मिलाकर पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी रणनीतियों पर काम कर रहा है. इन सब के बीच NCP (SP) की नेता सुप्रिया सुले अपने पार्टी सांसदों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात होने वाली है.
सुप्रिया सुले की तरफ से पहले ही साफ कर दिया गया है कि वह किसी भी हाल में FCRA बिल के मौजूदा प्रारूप का समर्थन नहीं करेंगी. उन्होंने कहा कि सरकार को या तो विधेयक वापस लेना चाहिए. इसके अलावा JPC के पास भेजकर विस्तार से विचार-विमर्श कराया जाना चाहिए.
परिसीमन पर क्या है एनसीपी का रूख
संसद में प्रस्तावित परिसीमन से जुड़े संवैधानिक संशोधन को लेकर भी सियासी सरगर्मी तेज है. हालांकि, सुप्रिया सुले ने इस मामले पर फिलहाल कोई अंतिम रुख बताने से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि जब विधेयक सामने आएगा, तब पार्टी अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ चर्चा करके आगे का फैसला करेगी. कुल मिलाकर रणनीति के तहत ही काम किया जाएगा.
FCRA बिल पर सरकार के सामने चुनौती
मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होने वाला है. अब कुछ ही दिन बचे हैं. फिलहाल लोकसभा के सोमवार के एजेंडे में FCRA संशोधन विधेयक का उल्लेख नहीं है. ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि सरकार इसे इसी सत्र में चर्चा और पारित कराने के लिए कब सामने लाएगी?
DMK और NCP (SP) पर नजर
FCRA को लेकर DMK और NCP (SP) समेत कुछ विपक्षी दलों की आपत्तियां सामने आ चुकी हैं. दूसरी तरफ परिसीमन के संभावित प्रस्ताव को देखते हुए सरकार इन दलों से संवाद बढ़ाने की कोशिश कर रही है. यही वजह है कि आने वाले दिनों में FCRA और परिसीमन दोनों मुद्दों पर राजनीतिक बातचीत तेज होने की संभावना है.
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