Surguja: मैनपाट का नर्मदापुर पंचायत बना ‘घोटालापुर’, 92.92 लाख रुपये हड़प गए सरपंच-सचिव, 5 जिम्मेदारों से होगी वसूली

Surguja: सरगुजा जिले के मैनपाट जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत नर्मदापुर में वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है. जनपद पंचायत मैनपाट के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी किए गए अलग-अलग पत्रों में पंचायत के तत्कालीन सरपंचों, वर्तमान सरपंच और तत्कालीन सचिव से लाखों रुपये की राशि की वसूली योग्य बताई गई है.

दस्तावेजों के मुताबिक अलग-अलग वर्षों के निर्माण कार्यों में सामने आई अनियमितताओं की कुल राशि करीब 92.92 लाख रुपये तक पहुंच रही है. सबसे गंभीर बात यह है कि जांच के दौरान संबंधित निर्माण कार्यों के अभिलेख, व्यय प्रमाणक, नस्ती फाइल और मूल्यांकन/सत्यापन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके बाद जनपद पंचायत ने संबंधित जिम्मेदारों को तीन दिन के भीतर अपना अभिमत प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.

चार साल के काम में 66.67 लाख की गड़बड़ी
16 जुलाई 2026 को तत्कालीन सरपंच राजनाथ भैंसा को जारी पत्र में जनपद पंचायत मैनपाट ने बताया है कि ग्राम पंचायत नर्मदापुर में 15वें वित्त योजना, स्वच्छ भारत मिशन और अन्य निर्माण कार्यों के रिकॉर्ड की जांच की गई. पत्र के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक विभिन्न निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितता पाई गई. इन कार्यों से संबंधित अभिलेख, व्यय प्रमाणक और मूल्यांकन/सत्यापन वाली नस्ती फाइल उपलब्ध नहीं होने के कारण ₹66.67 लाख की राशि वसूली योग्य बताई गई है.

2025-26 के काम में भी 7.88 लाख की अनियमितता
वर्तमान सरपंच ललिता भैंसा को 15 जुलाई 2026 को जारी नोटिस में वित्तीय वर्ष 2025-26 के विभिन्न निर्माण कार्यों की जांच का उल्लेख है. जांच में इन कार्यों के अभिलेख और व्यय प्रमाणक उपलब्ध नहीं पाए गए. पत्र में ₹7.88 लाख की राशि वसूली योग्य बताई गई है.

2016-17 के काम में तत्कालीन सरपंच से 5.11 लाख की वसूली
एक अन्य नोटिस तत्कालीन सरपंच गणेश नाग को जारी किया गया है. इसमें वित्तीय वर्ष 2016-17 के विभिन्न निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितता का उल्लेख करते हुए ₹5.11 लाख की राशि वसूली योग्य बताई गई है. इसी अवधि के मामले में तत्कालीन सचिव अनिल यादव को जारी पत्र में भी ₹5.11 लाख की राशि वसूली योग्य बताई गई है.

2021-22 के मामले में चन्द्रपाल सिंह पर 8.13 लाख
तत्कालीन सरपंच चन्द्रपाल सिंह को जारी पत्र में वित्तीय वर्ष 2021-22 के निर्माण कार्यों की जांच का उल्लेख है. इसमें भी संबंधित रिकॉर्ड और मूल्यांकन/सत्यापन नस्ती उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई है. जनपद पंचायत के पत्र के अनुसार इस मामले में ₹8,13,665 की राशि वसूली योग्य है. कुल रकम 92.92 लाख से ज्यादा जारी किए गए पांच अलग-अलग पत्रों में उल्लेखित वसूली योग्य रकम को जोड़ने पर कुल राशि 92.92 लाख रुपये बैठती है.

तीन दिन का मौका, जवाब नहीं तो आरआरसी की कार्रवाई
जनपद पंचायत मैनपाट के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने संबंधित लोगों को निर्देश दिया है कि वे अपना अभिमत प्रस्तुत करते हुए संबंधित वर्षों के संपूर्ण व्यय प्रमाणक, निर्माण कार्यों की मूल्यांकन-सत्यापन नस्ती फाइल लेकर तीन दिवस के भीतर अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष उपस्थित हों. पत्र में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में उपस्थित नहीं होने की स्थिति में यह मानते हुए कि संबंधित व्यक्ति द्वारा निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितता की गई है, पूरी राशि की वसूली के लिए आरआरसी प्रकरण दर्ज कराने हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सीतापुर को पत्र भेजा जाएगा. इन सभी पत्रों की प्रतिलिपि कलेक्टर सरगुजा और जिला पंचायत सरगुजा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी भेजी गई है.

सवालों के घेरे में पंचायत का वित्तीय प्रबंधन
नर्मदापुर पंचायत के मामले में एक ही पंचायत के अलग-अलग कार्यकालों से जुड़े सरपंचों और सचिवों के खिलाफ इस तरह वसूली योग्य राशि सामने आने से पंचायत के वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. हालांकि, दस्तावेजों में फिलहाल इसे “वित्तीय अनियमितता” और “वसूली योग्य राशि” के रूप में दर्ज किया गया है. संबंधितों को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया गया है. अंतिम जिम्मेदारी और दोष का निर्धारण आगे की जांच एवं कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा.

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