MP News: भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में पेट्रोल खत्म होने की अफवाह, पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़, प्रशासन बोला- स्टॉक की कमी नहीं

MP News: ईरान-इजराइल के बीच जारी तनाव के बीच मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर खबरें सामने आने लगी हैं. राजधानी भोपाल में कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की सूचना के बाद लोगों में चिंता बढ़ गई. हालांकि जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि राज्य में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसी तरह के संकट की आशंका नहीं है. मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप ऑनर्स एसोसिएशन के अनुसार, प्रदेश के करीब 5 प्रतिशत पंपों पर एडवांस भुगतान की नई व्यवस्था के कारण अस्थायी दिक्कत जरूर आई है, लेकिन कुल मिलाकर ईंधन की कमी नहीं है.

भोपाल में महीनों का स्टॉक मौजूद
भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के मुताबिक शहर में लगभग 58.79 लाख किलोलीटर यानी करीब 58.8 करोड़ लीटर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक उपलब्ध है, जो अगले ढाई से तीन महीने तक के लिए पर्याप्त है. राजधानी के पास भौंरी स्थित इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के डिपो से शहर के 192 पेट्रोल पंपों को रोजाना करीब 12 लाख लीटर डीजल और 9 लाख लीटर पेट्रोल की आपूर्ति की जाती है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी हुई है.

अफवाहों से पंपों पर बढ़ी भीड़
अफवाहों के चलते कई शहरों में लोग एहतियात के तौर पर पेट्रोल भरवाने के लिए पंपों पर पहुंचने लगे, जिससे भीड़ बढ़ गई. इंदौर, उज्जैन, नीमच, देवास, झाबुआ और आगर-मालवा जैसे जिलों में कुछ स्थानों पर भीड़ के कारण पंपों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा. हालांकि इंदौर प्रशासन ने साफ किया कि शहर में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है और सभी पंपों पर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है. जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एल. मारू ने भी बताया कि डिपो में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और डीलर्स को लगातार सप्लाई की जा रही है.

उज्जैन में भी पर्याप्त भंडार
उज्जैन जिले में भी ईंधन का पर्याप्त भंडार बताया गया है. यहां पेट्रोल और डीजल का स्टॉक आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त है. विभिन्न तेल कंपनियों के पंपों पर भी पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और सप्लाई सुचारू रूप से जारी है.

5 प्रतिशत पंपों पर अस्थायी समस्या
पेट्रोल पंप ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि ईंधन खत्म होने की खबरें पूरी तरह निराधार हैं. उन्होंने बताया कि तेल कंपनियों द्वारा लागू की गई नई एडवांस भुगतान व्यवस्था के कारण कुछ पंप संचालकों को अस्थायी वित्तीय दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे सीमित संख्या में पंपों पर आपूर्ति प्रभावित हुई है. प्रदेश में कुल करीब 4200 पेट्रोल पंप हैं और इनमें से बहुत कम पंप ही इस समस्या से प्रभावित हैं.

एलपीजी संकट के बाद फैली अफवाहें
दरअसल, हाल ही में ईरान-इजराइल तनाव के चलते प्रदेश में एलपीजी सप्लाई प्रभावित हुई थी, जिससे होटल और रेस्टोरेंट को कमर्शियल गैस की आपूर्ति कुछ समय के लिए रोक दी गई थी. बाद में सरकार ने सीमित मात्रा में गैस सप्लाई की अनुमति दी. इसी पृष्ठभूमि में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर अफवाहें फैल गईं. धार और अलीराजपुर जैसे जिलों में लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जबकि भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर कुछ पंपों के सूखने की खबर भी सामने आई, जो बाद में गलत साबित हुई.

Check Also

प्रयागराज के कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस का धमाका, मलबे में दबकर बिहार के 3 मजदूरों समेत 4 की मौत

पटना/प्रयागराज/उत्तर प्रदेश। संगम नगरी प्रयागराज के फाफामऊ क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक भीषण हादसा हो …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *